यूपी रेरा का वाराणसी मंडल में जागरूकता कार्यक्रम: गृह क्रेताओं को मिली अधिकारों की पूरी जानकारी
लखनऊ/वाराणसी। रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने और उपभोक्ताओं को जागरूक करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश भू सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने शुक्रवार को वाराणसी मंडल के हितधारकों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक संवादात्मक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गृह क्रेताओं, आवंटियों, प्रमोटरों तथा पंजीकृत रियल एस्टेट एजेंटों ने भाग लिया।
प्रतिभागियों को सुरक्षित निवेश के उपायों, रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 के प्रमुख प्रावधानों तथा यूपी रेरा की शिकायत निवारण व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी गई।
अध्यक्षता और विशिष्ट अतिथि
कार्यक्रम की अध्यक्षता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यूपी रेरा अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने की। वाराणसी से मंडलायुक्त आईएएस एस. राजालिंगम तथा वाराणसी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष आईएएस पूर्णा बोरा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
"जागरूकता ही सुरक्षित निवेश का सबसे मजबूत आधार" — अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी
प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए यूपी रेरा अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि रियल एस्टेट में सुरक्षित निवेश का सबसे मजबूत आधार उपभोक्ताओं की जागरूकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूपी रेरा का उद्देश्य केवल विवादों का समाधान करना ही नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाना भी है।
उन्होंने संभावित घर खरीददारों को सलाह दी कि:
- किसी भी परियोजना में निवेश से पहले यूपी रेरा पोर्टल पर सभी जानकारियों का सत्यापन अवश्य करें
- समस्या या विवाद होने पर बिना विलंब यूपी रेरा से संपर्क करें
उन्होंने कहा कि प्रदेश में पारदर्शी, जवाबदेह और उपभोक्ता हितैषी रियल एस्टेट व्यवस्था विकसित करने के लिए यूपी रेरा लगातार कार्य कर रहा है।
प्रधान सलाहकार अबरार अहमद ने समझाए अधिनियम के प्रावधान
यूपी रेरा के प्रधान सलाहकार अबरार अहमद ने रेरा अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों और उनके व्यावहारिक महत्व की जानकारी दी। उन्होंने निम्न विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला:
- संपत्ति खरीदने से पहले बरती जाने वाली सावधानियां
- शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया
- घर खरीददारों के वैधानिक अधिकार
- समयबद्ध एवं निष्पक्ष विवाद निस्तारण में यूपी रेरा की भूमिका
उन्होंने बताया कि निवेश से पहले परियोजना से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियों का सत्यापन करने से धोखाधड़ी, आर्थिक नुकसान और अनावश्यक विलंब जैसी समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।
निवेश से पहले इन बातों की जांच जरूरी
कार्यक्रम में प्रतिभागियों को किसी भी परियोजना में निवेश से पहले निम्न बिंदुओं की जांच करने की सलाह दी गई:
- रेरा पंजीकरण संख्या और उसकी वैधता
- स्वीकृत लेआउट प्लान
- भूमि स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज
- निर्माण की प्रगति व प्रस्तावित पूर्णता अवधि
- परियोजना के लिए निर्धारित बैंक खाता
- प्रमोटर का पूर्व रिकॉर्ड
- संबंधित रियल एस्टेट एजेंट का रेरा पंजीकरण
सलाह: केवल आकर्षक विज्ञापनों या प्रचार सामग्री के आधार पर निवेश का निर्णय न लें।
बुकिंग के बाद भी सतर्कता जरूरी
संपत्ति बुक करने के बाद भी परियोजना की प्रगति पर नियमित नजर रखना आवश्यक बताया गया। प्रतिभागियों को निम्न दस्तावेज सुरक्षित रखने की सलाह दी गई, क्योंकि भविष्य में किसी विवाद की स्थिति में यही दस्तावेज अधिकारों की रक्षा का आधार बनते हैं:
- आवंटन पत्र
- विक्रय अनुबंध (एग्रीमेंट फॉर सेल)
- भुगतान रसीदें
- यूपी रेरा पोर्टल पर उपलब्ध सभी रिकॉर्ड
रेरा अधिनियम के अंतर्गत घर खरीददारों के अधिकार
प्रत्येक खरीददार को निम्नलिखित अधिकार प्राप्त हैं:
- परियोजना की सही और पारदर्शी जानकारी प्राप्त करने का अधिकार
- निर्धारित प्रारूप में विक्रय अनुबंध करने का अधिकार
- निर्धारित समय सीमा में कब्जा एवं रजिस्ट्री प्राप्त करने का अधिकार
- विलंब होने पर ब्याज पाने का अधिकार
- आवश्यक परिस्थितियों में धनवापसी प्राप्त करने का अधिकार
- भ्रामक विज्ञापन या अधिनियम उल्लंघन की स्थिति में क्षतिपूर्ति मांगने का अधिकार
प्रतिभागियों को फॉर्म एम तथा फॉर्म एन के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई।
कब कर सकते हैं शिकायत दर्ज?
यदि कोई प्रमोटर निम्न में से कोई कार्य करता है, तो खरीददार यूपी रेरा में शिकायत दर्ज कर कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं:
- अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करना
- समय पर कब्जा न देना
- स्वीकृत नक्शे में बिना अनुमति परिवर्तन करना
- अनुचित धनराशि की मांग करना
- बिना उचित कारण आवंटन रद्द करना
- परियोजना या एजेंट का रेरा में पंजीकृत न होना
प्रश्नोत्तर सत्र में मिले सवालों के जवाब
कार्यक्रम के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने विलंब से कब्जा मिलने, धनवापसी, रजिस्ट्री, ब्याज, प्रमोटरों की जिम्मेदारियों तथा शिकायत निवारण प्रक्रिया से जुड़े प्रश्न पूछे। अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी तथा प्रधान सलाहकार अबरार अहमद ने सभी प्रश्नों का विस्तार से उत्तर देते हुए रेरा अधिनियम के अंतर्गत उपलब्ध कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।
वाराणसी मंडलायुक्त एस. राजालिंगम तथा वाराणसी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष पूर्णा बोरा ने भी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए प्रदेश के रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ताओं का विश्वास मजबूत करने के लिए यूपी रेरा के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
यूपी रेरा मुख्यालय से भी कई वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए:
| नाम | पद |
|---|---|
| संजय भूसरेड्डी | अध्यक्ष, यूपी रेरा |
| महेंद्र वर्मा | सचिव |
| अबरार अहमद | प्रमुख सलाहकार |
| संजय तिवारी | तकनीकी सलाहकार |
| सुधांशु त्रिपाठी | वित्त सलाहकार |
| मीनाक्षी द्विवेदी | राजस्व अधिकारी |
| गणेश मिश्रा | सिस्टम विश्लेषक |
| प्रांजल दीक्षित | मीडिया सलाहकार |
| डॉ. आकाश यादव | — |
