कैनविज टाइम्स, डिजिटल डेस्क ।
दिल्ली में मुफ्त राशन वितरण प्रणाली में एक चौंकाने वाली धांधली का खुलासा हुआ है। केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी राशन कार्ड सत्यापन अभियान के दौरान सामने आया कि लगभग 10,549 मृतक और हजारों अपात्र लोग इस योजना का लाभ उठा रहे हैं, जबकि यह योजना केवल गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए है।
सत्यापन रिपोर्ट के अनुसार:
10,549 मृतक व्यक्ति अब भी लाभार्थी सूची में शामिल हैं।
95,741 लाभार्थी निजी कारों के मालिक हैं।
1,91,346 लाभार्थियों के पास भूमि स्वामित्व है।
1,71,702 आयकरदाता और 2,842 जीएसटीएन नंबर वाले लोग भी मुफ्त राशन ले रहे हैं।
24,551 लाभार्थी कंपनी निदेशक के रूप में चिह्नित हुए हैं।
1,033 लाभार्थी ऐसे हैं जिनकी उम्र 100 से 120 वर्ष बताई गई है।
1,84,467 लाभार्थी ई-केवाईसी नहीं करा पाए और 6 महीने से राशन नहीं लिया है।
कुल 6,52,172 लाभार्थियों को अपात्र पाया गया है, जो कुल लाभार्थियों का लगभग 10% है।
राजधानी में 17.46 लाख राशन कार्ड धारक हैं, जिनमें 16.80 लाख प्राथमिकता वाले परिवार और 66,149 अंत्योदय अन्न योजना के अंतर्गत आते हैं। अंत्योदय योजना के तहत हर महीने 35 किलो अनाज दिया जाता है, जबकि प्राथमिकता वाले कार्ड धारकों को प्रति सदस्य 5 किलो अनाज मिलता है। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 89,084 फर्जी लाभार्थियों की पहचान हो चुकी है। सत्यापन के बाद 27,745 लोगों के नाम हटाने की सिफारिश की गई है। यह कदम पारदर्शिता सुनिश्चित करने और वास्तविक जरूरतमंदों को लाभ दिलाने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस पूरी प्रक्रिया की अंतिम रिपोर्ट 30 सितंबर 2025 तक केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी। सरकार अब क्षेत्रीय सर्वेक्षण और सख्त जांच के जरिए अपात्र लाभार्थियों को हटाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।