मुंबई: पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सोमवार को घरेलू शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट के साथ बंद हुए।
बीएसई सेंसेक्स 1,352.74 अंक यानी 1.71 प्रतिशत गिरकर 77,566.16 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी-50 422.40 अंक यानी 1.73 प्रतिशत टूटकर 24,028.05 अंक पर बंद हुआ। दोनों प्रमुख सूचकांक करीब 10 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए हैं।
कारोबार की शुरुआत में भारी गिरावट
दिन की शुरुआत में बाजार में घबराहट ज्यादा देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 2,494 अंक तक गिर गया था, हालांकि बाद में थोड़ी रिकवरी आई और नुकसान कुछ कम हुआ।
छह दिनों में बड़ी गिरावट
26 फरवरी के बाद पिछले छह कारोबारी सत्रों में पांचवीं बार बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस अवधि में
सेंसेक्स 4,682.45 अंक (5.69%) गिर चुका है
निफ्टी 1,468.5 अंक (5.76%) लुढ़क चुका है
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली का दबाव बना रहा।
निफ्टी मिडकैप-50 1.81% गिरा
निफ्टी स्मॉलकैप-100 2.22% नीचे बंद हुआ।
इन सेक्टरों पर ज्यादा दबाव
आईटी सेक्टर को छोड़कर लगभग सभी सेक्टरों में गिरावट देखने को मिली।
सबसे ज्यादा दबाव इन सेक्टरों में रहा:
ऑटो
बैंकिंग
टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद
तेल और गैस
धातु
रसायन
इन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
सेंसेक्स की कंपनियों में:
अल्ट्राटेक सीमेंट का शेयर 5% से ज्यादा टूटा
मारुति सुजुकी और महिंद्रा एंड महिंद्रा 4% से ज्यादा गिरे
एसबीआई, इंडिगो, अडानी पोर्ट्स, टाटा स्टील और कोटक महिंद्रा बैंक में 3–4% गिरावट रही
इसके अलावा एलएंडटी, एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक, बीईएल, एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक के शेयर 2–3% नीचे बंद हुए।
इन शेयरों में दिखी तेजी
बाजार की भारी गिरावट के बीच कुछ शेयरों में मजबूती भी देखने को मिली।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 1% से अधिक की बढ़त में बंद हुआ
सन फार्मा और इंफोसिस में भी तेजी दर्ज की गई।
विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और रुपये पर दबाव के कारण वैश्विक बाजारों में भी कमजोरी का माहौल है, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ रहा है।
