लखनऊ, कैनविज टाइम्स संवाददाता। विधिक सहायता केंद्र, विधि संकाय, शिया पीजी कॉलेज, लखनऊ एवं लॉ लिसियस कमेटी के बीच तीन वर्षों के लिए एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों संस्थाओं ने मिलकर समाज में विधिक जागरूकता बढ़ाने, निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने तथा विधि छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने की दिशा में संयुक्त रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में विधिक सहायता केंद्र के निदेशक डॉ. वहीद आलम ने बताया कि इस एमओयू के तहत कार्यशालाओं, सेमिनारों और विधिक सहायता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही, विधि संकाय के छात्रों के लिए इंटर्नशिप के अवसर विकसित किए जाएंगे तथा लखनऊ लीगल एसोसिएट्स के सहयोग से कमजोर एवं वंचित वर्गों को निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान की जाएगी। उप निदेशक डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि विधिक सहायता केंद्र का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रत्येक व्यक्ति को न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करना है। इसके अंतर्गत निःशुल्क विधिक सहायता, विधिक जागरूकता का प्रसार और छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना प्रमुख लक्ष्य हैं। प्राचार्य एवं इंचार्ज विधि संकाय प्रो. (डॉ.) एस. सादिक हुसैन आबिदी ने विश्वास जताया कि दोनों संस्थाओं का यह सहयोग समाज के लिए सार्थक सिद्ध होगा और न्याय की अवधारणा को साकार करने में सहायक बनेगा। वहीं, निदेशक लॉ सेल्फ फाइनेंस प्रो. एस. एम. हसनैन ने इस एमओयू पर प्रसन्नता व्यक्त की। कार्यक्रम में डॉ. उग्रसेन, डॉ. प्रिया सिंह, डॉ. एस. मोहसिन रजा, डॉ. एजाज़ हुसैन, डॉ. एस. नुजहत हुसैन, डॉ. पी. के. गर्ग, डॉ. नूरीन जैदी, डॉ. कसीम हैदर नक़वी, डॉ. पुलकित शुक्ला और डॉ. विनय कुमार तिवारी, लॉ लिसियस कमेटी की तरफ से संस्थापक विवेक दीक्षित, मैनेजिंग डायरेक्टर दिव्यांशु रंजन तथा सदस्य श्रेया सोनी, अभय, तनु और अविरल मौजूद रहे।

