लखनऊ, कैनविज टाइम्स संवाददाता। शुक्रवार को गोमती नगर स्थित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संस्थान में विराट ब्राह्मण सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के संयोजक भूपेंद्र शुक्ला (असिस्टेंट कमिश्नर, जीएटी) रहे, जबकि अध्यक्षता मेजर आशीष चतुर्वेदी (भूतपूर्व सैनिक संघ, उत्तर प्रदेश) ने की। सम्मेलन में मोनी महाराज, रिटायर्ड जस्टिस सी.बी. पाण्डेय, राकेश कुमार पाण्डेय (प्रधान संपादक, कैनविज टाइम्स), पी.के. मिश्रा (पूर्व जिला जज), डॉ. शिवम त्रिपाठी (इकाना हॉस्पिटल), राम महेश मिश्रा (भाग्योदय फाउंडेशन), विधायक अमिताभ बाजपेई (कानपुर), विनय शास्त्री और गार्गी तिवारी मुख्य वक्ता के रूप में मंच पर मौजूद रहे।

अध्यक्षता करते हुए मेजर आशीष चतुर्वेदी ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य ब्राह्मण समाज को जागरूक कर एक मंच पर लाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि ब्राह्मणों पर हो रहे अत्याचारों पर कोई मुखर नहीं है और सरकार भी इस पर चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने समाज से एकजुट होकर आगे बढ़ने की अपील की। साथ ही भगवान परशुराम जयंती पर अवकाश घोषित न होने को लेकर भी उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने शंकराचार्य प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें राजनीतिक मोहरा बनाया गया और उनके पद पर भी सवाल खड़े किए गए। वहीं, मुख्य वक्ता गार्गी तिवारी ने भी ब्राह्मण समाज की एकता पर जोर दिया। पूर्व जिला जज पी.के. मिश्रा ने कहा कि समाज में कई संगठन बनने से एकता कमजोर हो रही है, ऐसे में सभी संगठनों को एक मंच पर आना होगा। विधायक अमिताभ बाजपेई ने कहा कि ब्राह्मण समाज हमेशा कठिन समय में मार्गदर्शन करता रहा है। सम्मेलन में विभिन्न जिलों से आए ब्राह्मण संगठनों के पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य ब्राह्मण गौरव की स्थापना, समाज के उत्थान पर विचार-विमर्श और वर्तमान परिप्रेक्ष्य में देश व समाज को बेहतर बनाने पर चिंतन करना रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग मौजूद रहे।


