कैनविज टाइम्स, डिजिटल डेस्क ।
यह सेंटर विद्यार्थियों को मोबाइल कंप्यूटिंग, मशीन लर्निंग और डिजिटल डिज़ाइन के क्षेत्र में भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा। यह लैब नई पीढ़ी के ऐसे डेवलपर्स तैयार करेगी जो उद्योग की मांग के अनुरूप कुशल, रचनात्मक और इनोवेटिव होंगे। विद्यार्थियों को यहाँ वास्तविक प्रोजेक्ट विकास और प्रोडक्ट लॉन्च का अनुभव मिलेगा, जिससे उनके स्टार्टअप्स को भी बल मिलेगा। यह बातें शुक्रवार को चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश के वाइस चांसलर डॉ. थिपेंद्र पी सिंह ने कही। भारत की पहली एआई सपोर्टेड मल्टीडिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, उत्तर प्रदेश ने हाइटेक एप्पल आईओएस डेवलपमेंट सेंटर का शुभारंभ किया, जिसका उद्घाटन जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) की कुलपति प्रो. डॉ. संती धुलीपुरी ने किया। लगभग 60 लाख रुपये की लागत से स्थापित यह सेंटर 57 आईमैक टर्मिनलों और एप्पल के हाइटेक टूल्स जैसे एक्सकोड, स्विफ्ट, कोर एमएल, एआर किट, रियलिटी कम्पोज़र और फिग्मा से लैस है। इस सेंटर का उद्देश्य विद्यार्थियों को आईओएस एप डेवलपमेंट, एआई व मशीन लर्निंग इंटीग्रेशन, ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर)/वर्चुअल रियलिटी (वीआर) एक्सपीरियंस और क्रॉस प्लेटफॉर्म इनोवेशन की उच्च स्तरीय दक्षता प्रदान करना है। यह सेंटर भविष्य की शिक्षा के लिए एक रणनीतिक निवेश के रूप में देखा जा रहा है, जो चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी को एप्पल-आधारित तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करने वाले अग्रणी संस्थानों की श्रेणी में स्थापित करता है। यहां छात्र और शिक्षक एक्सकोड, स्विफ्ट, कोरएमएल और एआरकिट जैसे आधुनिक प्लेटफॉर्म पर काम कर सकेंगे। यह पहल विश्वविद्यालय की बहुविषयक शिक्षा नीति को मजबूत करती है, जिसमें कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिजाइन, फाइन आर्ट्स, फैशन, हेल्थकेयर और बिजनेस के छात्र एक साथ काम कर सकेंगे। इस अवसर पर प्रो. धुलीपुरी ने यूनिवर्सिटी की तेज़ी से हो रही प्रगति, इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टूडेंट्स के अनुकूल शैक्षणिक वातावरण की सराहना की। आगे उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी ने ऐसा माहौल तैयार किया है जो विद्यार्थियों को प्रयोग करने, सीखने और असफलता से सफलता तक पहुँचने के लिए प्रेरित करता है। यह यूनिवर्सिटी नारी शक्ति, ‘इनोवेशन’ और ‘विकसित भारत’ की भावना को साकार कर रही है तथा जेएनयू जैसी शीर्ष संस्थाएँ भी इससे बहुत कुछ सीख सकती हैं। एआई आने वाले समय की वैज्ञानिक क्रांति है और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश इसे शिक्षा और स्टार्टअप दोनों स्तरों पर सशक्त बना रही है।
