नशा मुक्त भारत अभियान के तहत भाषा विवि लखनऊ ने निकाली 15 किलोमीटर जागरूकता पैदल रैली
"नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो" के नारों से गूंजा परिसर, कुलपति ने दिखाई हरी झंडी
लखनऊ। ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में "नशा मुक्त भारत अभियान" के अंतर्गत 15 किलोमीटर लंबी जागरूकता पैदल रैली का आयोजन किया गया। इस रैली के माध्यम से युवाओं एवं आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए स्वस्थ, सशक्त एवं नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया गया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा एवं कुलसचिव विकास ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी एवं स्वयंसेवक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। NSS समन्वयक डॉ. नलिनी मिश्रा ने भी रैली में सहभागिता करते हुए प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
डॉ. आरिफ अब्बास ने निभाई अहम भूमिका
रैली के सफल आयोजन एवं संचालन में डॉ. आरिफ अब्बास की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने प्रतिभागियों के साथ सक्रिय रूप से रैली में सहभागिता करते हुए आमजन को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया तथा नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।
"नशा केवल व्यक्ति नहीं, पूरे परिवार को प्रभावित करता है" — डॉ. अभय कृष्णा
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अभय कृष्णा ने कहा कि नशे की समस्या केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करती, बल्कि इसके दुष्परिणाम परिवार और पूरे समाज पर पड़ते हैं। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने तथा शिक्षा, खेल, योग और अन्य सकारात्मक गतिविधियों को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
रैली में गूंजे प्रभावी नारे
15 किलोमीटर लंबी इस रैली के दौरान प्रतिभागियों ने "नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो", "नशामुक्त भारत—स्वस्थ भारत" जैसे प्रभावी नारों के माध्यम से लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक किया। रैली ने युवाओं में स्वस्थ जीवनशैली, सकारात्मक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।
