उत्तर प्रदेश वन निगम की 277वीं बैठक संपन्न, इको पर्यटन स्थलों की दरों के पुनर्निर्धारण पर बल
"इको पर्यटन स्थलों को विकसित कर दरों पर पुनर्विचार हो" — डॉ. अरुण कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश वन निगम की 277वीं बैठक वन निगम सभाकक्ष में संपन्न हुई। बैठक में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील चौधरी, उत्तर प्रदेश वन निगम के प्रबंध निदेशक अरविन्द कुमार सिंह, निगम के सदस्य तथा वन निगम एवं शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।
प्रस्तावों पर हुई विस्तृत चर्चा
प्रबंध निदेशक वन निगम ने सभी उपस्थित सदस्यों का स्वागत करने के उपरांत अनुमोदन हेतु विभिन्न प्रस्ताव प्रस्तुत किए, जिन पर बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। कुछ प्रस्तावों को अनुमोदित किए जाने पर सहमति बनी, जबकि कुछ प्रस्तावों पर पुनर्विचार हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा
बैठक में वन निगम द्वारा भविष्य में किए जाने वाले कार्यों पर भी विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर बल दिया गया:
- वन प्रमाणीकरण — वन प्रमाणीकरण का प्रमाण पत्र शीघ्र प्राप्त करने पर जोर।
- कार्मिकों की नियुक्ति — नियमित भर्ती होने तक प्रतिनियुक्ति एवं आउटसोर्सिंग के माध्यम से रिक्त पदों पर कार्मिकों को नियोजित करने का निर्णय।
- रिवर ट्रेनिंग — रिवर ट्रेनिंग से संबंधित प्रस्ताव पर शीघ्रता से आगे कार्यवाही बढ़ाए जाने के निर्देश।
- इको पर्यटन स्थलों का विकास — उत्तर प्रदेश इकोटूरिज्म सोसाइटी के माध्यम से संचालित इको पर्यटन स्थलों को विकसित करने तथा उनसे संबंधित दरों पर पुनर्विचार करते हुए दरों के पुनर्निर्धारण पर विशेष बल दिया गया।
"वन निगम की आय बढ़ाने के लिए नए आयामों पर हो विचार"
बैठक में यह भी अपेक्षा व्यक्त की गई कि वन निगम नए आयामों पर विचार करते हुए संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाए, ताकि उत्तर प्रदेश वन निगम की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।
