लखनऊ: वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए उत्तर प्रदेश को हरित, आत्मनिर्भर और समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का रोडमैप प्रस्तुत किया। ऊर्जा, कृषि, शिक्षा, श्रमिक कल्याण और आधारभूत ढांचे पर केंद्रित यह बजट राज्य की दीर्घकालिक विकास रणनीति को रेखांकित करता है।
हरित ऊर्जा को नई उड़ान
राज्य सरकार ने अतिरिक्त ऊर्जा स्रोतों के विकास के लिए ₹2,104 करोड़ का प्रावधान किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुने से अधिक है।
22,000 मेगावॉट विद्युत उत्पादन का लक्ष्य (सौर, जैव ऊर्जा व ग्रीन हाइड्रोजन नीतियों के तहत)
अब तक 2,815 मेगावॉट सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित
36 सीबीजी संयंत्र – देश में सर्वाधिक
ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 के तहत दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्वीकृति
पीएम कुसुम व सूर्यघर योजना
सौर ऊर्जा विस्तार के लिए ₹1,500 करोड़ का प्रावधान। किसानों के डीजल पंप को सोलर पंप में बदलने हेतु ₹637.84 करोड़ निर्धारित।
17 नगर निगम बनेंगे सोलर सिटी
अयोध्या व मथुरा सहित 17 नगर निगमों को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक 5.20 लाख सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई जा चुकी हैं।
कृषि व किसान: ₹10,888 करोड़ का प्रावधान
कृषि, मत्स्य, उद्यान, दुग्ध विकास और खाद्य-रसद के लिए विशेष फोकस:
कृषि योजनाओं हेतु ₹10,888 करोड़ (लगभग 20% वृद्धि)
लक्ष्य: 753.55 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न व 48.18 लाख मीट्रिक टन तिलहन उत्पादन
निजी नलकूपों के लिए निर्बाध बिजली: ₹2,400 करोड़
नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग: ₹298 करोड़
एग्री-एक्सपोर्ट और एफपीओ
एग्री-एक्सपोर्ट हब: ₹245 करोड़
एफपीओ के लिए रिवॉल्विंग फंड: ₹75 करोड़
एक्वा पार्क व मत्स्य अवसंरचना: ₹190 करोड़ + ₹100 करोड़
पशुपालन व दुग्ध विकास
मथुरा में 1 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता का नया डेयरी प्लांट (₹23 करोड़)
220 नई दुग्ध समितियां, 450 का पुनर्गठन (₹107 करोड़)
छुट्टा गोवंश रखरखाव: ₹2,000 करोड़
पशु रोग नियंत्रण: ₹253 करोड़
मनरेगा व श्रमिक कल्याण
2025-26 में अब तक 21.92 करोड़ मानव दिवस सृजित
51.82 लाख परिवारों को रोजगार
महिला भागीदारी: 41% से अधिक
8.41 करोड़ कामगारों को फैमिली आईडी से जोड़ा गया
रोजगार मिशन समिति गठन हेतु ₹200 करोड़
अटल आवासीय विद्यालयों में 10,876 श्रमिक बच्चों का नामांकन, स्वास्थ्य जांच के लिए मोबाइल हेल्थ वैन की शुरुआत।
शिक्षा: ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की ओर
बेसिक शिक्षा
₹77,622 करोड़ का प्रावधान
विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म/बैग/जूते: ₹650 करोड़
स्मार्ट स्कूल योजना: ₹300 करोड़
माध्यमिक शिक्षा
₹22,167 करोड़ (15% वृद्धि)
छात्राओं हेतु मुफ्त सेनेटरी नैपकिन: ₹300 करोड़
उच्च शिक्षा
₹6,591 करोड़
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना: ₹400 करोड़
5 नए विश्वविद्यालयों के लिए बजट आवंटन
कौशल व प्राविधिक शिक्षा
प्राविधिक शिक्षा: ₹2,365 करोड़ (72% वृद्धि)
व्यावसायिक शिक्षा: ₹3,349 करोड़ (88% वृद्धि)
149 आईटीआई उन्नत, 62 प्रक्रियाधीन
नदियों की स्वच्छता व शहरी विकास
गोमती नदी में गिरते नालों को रोकने के लिए नए एसटीपी प्रस्तावित
नगर विकास विभाग को बजट आवंटन
इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹800 करोड़
मास्टर प्लान रोड, फ्लाईओवर, ग्रीन कॉरिडोर व नई टाउनशिप योजनाएं
बजट का आकार
कुल बजट: ₹9.12 लाख करोड़
राजस्व प्राप्तियां: ₹7.29 लाख करोड़
पूंजीगत व्यय: ₹2.48 लाख करोड़
सबसे अधिक आवंटन प्राथमिक शिक्षा (₹80,997 करोड़), ऊर्जा (₹65,926 करोड़), गृह (₹44,145 करोड़) और लोक निर्माण विभाग (₹33,740 करोड़) को मिला।
नई योजनाओं की झड़ी
सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन, महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना, यूपी एआई मिशन, स्टेट डेटा सेंटर, टेक युवा-समर्थ युवा योजना, चार सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल (PPP मोड) सहित कई नई योजनाएं शुरू की गईं।
निष्कर्ष
बजट 2026-27 में हरित ऊर्जा, किसान कल्याण, शिक्षा, कौशल विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर संतुलित निवेश के जरिए उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर, रोजगारोन्मुख और टिकाऊ विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास स्पष्ट दिखता है। सरकार ने ‘ग्रीन’ और ‘पिंक’ बजट पर जोर देते हुए समावेशी विकास का संदेश दिया है।
