यरूशलम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को इजराइल पहुंच गए, जहां उनका बेन गुरियन एयरपोर्ट पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा नेतन्याहू ने स्वयं एयरपोर्ट पर पहुंचकर पीएम मोदी की अगवानी की।
नौ वर्षों में यह प्रधानमंत्री मोदी की इजराइल की दूसरी आधिकारिक यात्रा है। इससे पहले जुलाई 2017 में उनकी पहली यात्रा के दौरान भारत-इजराइल संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाया गया था।
एयरपोर्ट पर औपचारिक स्वागत
नेतन्याहू ने पीएम मोदी को गले लगाकर स्वागत किया। इसके बाद तेल अवीव से लगभग 20 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व स्थित बेन गुरियन हवाई अड्डे पर औपचारिक समारोह आयोजित किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा के दौरान इजराइल की संसद (क्नेस्सेट) को संबोधित करेंगे और पीएम नेतन्याहू के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेताओं के बीच बृहस्पतिवार को व्यापक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा प्रस्तावित है।
रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती
इजराइल रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि यह यात्रा भारत और इजराइल के स्थायी संबंधों को और सुदृढ़ करेगी और रणनीतिक साझेदारी के लिए नए लक्ष्य तय करेगी।
उन्होंने कहा,
“भारत और इजराइल के बीच मजबूत और बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी है, जिसमें हाल के वर्षों में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है।”
प्रधानमंत्री ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवाचार, कृषि, जल प्रबंधन, रक्षा एवं सुरक्षा, व्यापार और निवेश सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की उम्मीद जताई।
क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा
दोनों नेता पारस्परिक हितों से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करेंगे। पीएम मोदी की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
रक्षा और आर्थिक सहयोग बना मजबूत स्तंभ
पिछले कुछ वर्षों में भारत-इजराइल संबंधों में तेजी आई है, विशेषकर रक्षा, साइबर सुरक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में। रक्षा सहयोग दोनों देशों की साझेदारी का अहम आधार बन चुका है, जिसमें इजराइल भारत को कई उन्नत सैन्य प्लेटफॉर्म और हथियार प्रणालियां उपलब्ध करा रहा है।
पिछले वर्ष नवंबर में भारत के रक्षा सचिव की इजराइल यात्रा के दौरान रक्षा सहयोग से जुड़ा एक महत्वपूर्ण समझौता भी हुआ था। इसके अलावा, सितंबर में दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए द्विपक्षीय निवेश समझौते (BIA) पर हस्ताक्षर किए थे।
