महोबा के गोरखगिरी मंदिर और चित्रकूट के बाल्मीकि आश्रम में बनेगा रोप-वे, श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी सुविधा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। महोबा के प्रसिद्ध गोरखगिरी मंदिर तथा चित्रकूट के लालापुर स्थित बाल्मीकि आश्रम के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड पर रोप-वे परियोजना विकसित की जाएगी। इस परियोजना के संचालन के लिए निजी निवेशकों के माध्यम से आवश्यक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि रोप-वे सेवा शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं और पर्यटकों को पहाड़ी क्षेत्रों तक पहुंचने में काफी सुविधा मिलेगी। साथ ही प्रदेश के धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।
गोरखगिरी मंदिर तक पहुंचना होगा आसान
मंत्री ने बताया कि महोबा का गोरखगिरी पर्वत प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। मान्यता है कि गुरु गोरखनाथ ने अपने सातवें शिष्य सिद्धो दीपकनाथ के साथ यहां तपस्या की थी। पर्वत की ऊंचाई अधिक होने के कारण श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में कठिनाई होती है।
रोप-वे बनने के बाद बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए मंदिर तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा।
चित्रकूट के बाल्मीकि आश्रम को मिलेगा नया आकर्षण
चित्रकूट के लालापुर स्थित बाल्मीकि आश्रम भी लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। हर वर्ष बड़ी संख्या में देशभर से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। रोप-वे सुविधा शुरू होने से यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार रोप-वे परियोजनाओं से:
- धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
- श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक होगी।
- स्थानीय व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
- होटल, परिवहन एवं छोटे कारोबारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
- प्रदेश के पर्यटन राजस्व में वृद्धि होगी।
परमहंस योगानंद की जन्मस्थली के रखरखाव की तैयारी
पर्यटन मंत्री ने बताया कि गोरखपुर स्थित परमहंस योगानन्द की जन्मस्थली के पर्यटन विकास कार्य पूरे होने के बाद उसके संचालन एवं रखरखाव के लिए योगदा सत्संग सोसायटी ऑफ इंडिया, कोलकाता को हस्तांतरण करने का प्रस्ताव है। इसके लिए समझौता ज्ञापन (MoU) का मसौदा तैयार किया जा रहा है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। महोबा और चित्रकूट में रोप-वे परियोजनाएं शुरू होने से न केवल श्रद्धालुओं की यात्रा आसान होगी, बल्कि स्थानीय पर्यटन, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा।
