राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर 24.45 लाख बच्चों को एल्बेंडाजोल खिलाने का लक्ष्य, लखनऊ में अभियान शुरू
लखनऊ। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (NDD) के तहत सोमवार को जनपद के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाव के लिए एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई गई। अभियान का शुभारंभ नेशनल इंटर कॉलेज में विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा ने बच्चों को एल्बेंडाजोल की खुराक खिलाकर किया।
इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा ने कहा कि पेट में होने वाला कृमि संक्रमण बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इसके कारण बच्चों में कमजोरी और एनीमिया की समस्या होने के साथ-साथ उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य बच्चों को स्वस्थ और सुपोषित बनाना है, ताकि वे आगे चलकर सशक्त एवं सक्षम नागरिक बन सकें। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को कृमि मुक्ति की दवा अवश्य खिलाएं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.बी. सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत जनपद के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा दी जा रही है। अभियान शिक्षा एवं आईसीडीएस विभाग के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 1 से 5 वर्ष तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से, जबकि 6 से 19 वर्ष तक के स्कूल जाने वाले बच्चों को विद्यालयों के माध्यम से एल्बेंडाजोल की खुराक दी जाएगी।
सीएमओ ने बताया कि 10 अगस्त को दवा सेवन से छूट जाने वाले बच्चों को 14 अगस्त को आयोजित मॉप-अप राउंड के दौरान एल्बेंडाजोल की खुराक दी जाएगी। अभियान का उद्देश्य जनपद के प्रत्येक पात्र बच्चे को कृमि संक्रमण से मुक्त करना तथा उनके स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार सुनिश्चित करना है।
24.45 लाख बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत जनपद में 1 से 19 वर्ष तक के कुल 24.45 लाख बच्चों को एल्बेंडाजोल खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें लगभग 14.72 लाख बच्चे शहरी क्षेत्रों और करीब 9.53 लाख बच्चे ग्रामीण क्षेत्रों के शामिल हैं।
सोमवार को नेशनल इंटर कॉलेज में लगभग 535 बच्चों ने कृमि मुक्ति की दवा का सेवन किया।
कार्यक्रम में नोडल अधिकारी डॉ. अनिल श्रीवास्तव, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सतीश यादव, जिला सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक विष्णु प्रताप, डीईआईसी मैनेजर डॉ. गौरव सक्सेना, सीएचसी अधीक्षक एन.के. रोड डॉ. वाई.के. सिंह, प्रधानाचार्य राम चन्द्र, सहयोगी संस्था एविडेंस एक्शन के प्रतिनिधि तथा कॉलेज के शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
