आस्था स्थलों, महापुरुषों की जयंतियों और प्रमुख पर्वों पर होंगे रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्थानीय कलाकारों को मिलेगा मंच : जयवीर सिंह

लखनऊ, 6 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और लोककलाओं को नई पहचान देने के उद्देश्य से वर्ष 2026-27 का सांस्कृतिक कैलेंडर जारी कर दिया है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि संस्कृति विभाग की ओर से प्रदेश के 54 जनपदों में वर्षभर धार्मिक, सांस्कृतिक और लोककलाओं से जुड़े विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो सहित कई बड़े आयोजनों को भी कैलेंडर में शामिल किया गया है।
मंत्री ने बताया कि अक्टूबर 2026 में शारदीय नवरात्रि के दौरान लखनऊ सहित प्रदेश के सभी जनपदों के प्रमुख देवी मंदिरों में नौ दिवसीय भजन, कीर्तन और देवीपाठ का आयोजन होगा। इसके अलावा 7 अक्टूबर 2026 से प्रदेश के सभी प्रमुख राम एवं हनुमान मंदिरों में तीन दिवसीय वाल्मीकि पाठ आयोजित कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अयोध्या इस वर्ष सांस्कृतिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र रहेगी। राम कथा पार्क में 18-19 अक्टूबर 2026 को भव्य दीपोत्सव आयोजित होगा, जबकि दिसंबर 2026 में पांच दिवसीय रामायण मेला आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा भरतकुंड महोत्सव, सरयू महोत्सव, रामायण उत्सव, तुलसी जयंती महोत्सव, ध्रुपद महोत्सव, नंदीग्राम समारोह, काकोरी बलिदान दिवस और अन्य अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी प्रस्तावित है।
प्रदेश के अन्य जिलों में भी धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों की लंबी श्रृंखला प्रस्तावित की गई है। आगरा में बटेश्वर महोत्सव, अलीगढ़, अमरोहा, आजमगढ़, बलिया, बलरामपुर, बांदा, बरेली, चित्रकूट, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ, मथुरा, लखनऊ, झांसी, कुशीनगर, सीतापुर, श्रावस्ती, सोनभद्र सहित 54 जिलों में विभिन्न मेलों, महोत्सवों, लोक सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कार्यशालाओं, संगीत, नृत्य एवं कला प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाएगा।
जयवीर सिंह ने कहा कि इन आयोजनों का उद्देश्य प्रदेश के स्थानीय कलाकारों, लोक कलाकारों और युवा प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराना, सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करना तथा नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं और लोक संस्कृति से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि संस्कृति विभाग प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
उन्होंने बताया कि कलाकारों के मानदेय एवं यात्रा व्यय के लिए 1 करोड़ रुपये तथा विभिन्न राजकीय एवं विशेष सांस्कृतिक आयोजनों के लिए 2 करोड़ 20 लाख रुपये की धनराशि व्यय की जाएगी। विभाग ने सभी कार्यक्रमों के सुव्यवस्थित संचालन के लिए वर्ष 2026-27 का विस्तृत सांस्कृतिक कैलेंडर जारी कर दिया है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य केवल सांस्कृतिक आयोजन करना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध विरासत, धार्मिक पर्यटन, लोककलाओं और ऐतिहासिक धरोहर को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है।
