लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 43 करोड़ 51 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी है। इन विभिन्न योजनाओं के लिए जारी बजट से प्रदेश में उन्नत कृषि तकनीक, डिजिटल सेवाओं और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े कार्यों को गति मिलेगी।
सरकार द्वारा स्वीकृत राशि में सबसे बड़ा हिस्सा प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान (पीएम-कुसुम) योजना के लिए दिया गया है। इस योजना के तहत किसानों को सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराने और ऊर्जा लागत कम करने के लिए 2897 लाख रुपये की सब्सिडी मंजूर की गई है।
इसके अलावा कृषोन्नति योजना के अंतर्गत यूपी-179 नेशनल ई-गवर्नेंस प्लान एग्रीकल्चर के तहत डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए 1082 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से फसलों से जुड़ा डेटा अधिक सटीक और पारदर्शी तरीके से तैयार किया जाएगा, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों तक बेहतर ढंग से पहुंच सकेगा।
सरकार ने बीज गुणवत्ता नियंत्रण सुदृढ़ीकरण योजना के लिए 231 लाख रुपये जारी किए हैं। वहीं पीएम-कुसुम योजना के अन्य कार्यों के लिए 57.50 लाख रुपये तथा इंटीग्रेटेड स्कीम ऑन एग्रीकल्चर सेंसस, इकोनॉमिक्स एंड स्टैटिस्टिक्स के तहत वेतन भुगतान के लिए 40 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।
इसके साथ ही आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज (अयोध्या) में टिश्यू कल्चर लैब की स्थापना के लिए 37 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल (ऑयलसीड) योजना के अंतर्गत 6.50 लाख रुपये की वित्तीय मंजूरी दी गई है।
प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि सरकार का यह निर्णय कृषि क्षेत्र में तकनीकी विकास को बढ़ावा देगा और किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगा। इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश की कृषि व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और मजबूत बनाया जा रहा है।
