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राष्ट्रपति मुर्मू प्रोटोकॉल विवाद: केंद्र ने बंगाल के मुख्य सचिव से मांगा जवाब, ममता बोलीं- कोई उल्लंघन नहीं

The central government sought an explanation from West Bengal’s Chief Secretary over alleged protocol violations during President Droupadi Murmu’s visit, while Chief Minister Mamata Banerjee denied any lapse.
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Admin
  • Updated: March 8, 2026

नई दिल्ली/कोलकाता: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर विवाद गहरा गया है। केंद्र सरकार ने इस मामले में पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से स्पष्टीकरण मांगा है और रविवार शाम पांच बजे तक जवाब देने को कहा है। सूत्रों के मुताबिक केंद्र ने ‘ब्लू बुक’ के नियमों के संभावित उल्लंघन, कार्यक्रम स्थल और मार्ग व्यवस्था से जुड़ी लापरवाहियों पर विस्तृत जानकारी मांगी है।

‘ब्लू बुक’ में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित शीर्ष संवैधानिक पदों की सुरक्षा और प्रोटोकॉल से जुड़े नियम निर्धारित होते हैं।

कार्यक्रम में कम उपस्थिति पर राष्ट्रपति ने जताई नाराजगी

शनिवार को राष्ट्रपति मुर्मू ने बागडोगरा हवाईअड्डे के पास आयोजित आदिवासी समुदाय के कार्यक्रम में कम लोगों की मौजूदगी पर निराशा जताई थी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कार्यक्रम को बिधाननगर से बदलकर बागडोगरा के पास गोशैपुर में क्यों आयोजित किया गया।

राष्ट्रपति ने कहा कि यदि कार्यक्रम बिधाननगर में होता तो वहां ज्यादा लोग शामिल हो सकते थे। उन्होंने यह भी कहा कि शायद राज्य प्रशासन ने वहां कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी।

सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने पत्र में पूछा है कि जब राष्ट्रपति राज्य में पहुंचीं तो मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक स्वागत के लिए क्यों मौजूद नहीं थे। बताया गया कि उस समय केवल सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देब ही स्वागत के लिए मौजूद थे।

इसके अलावा राष्ट्रपति के लिए बनाए गए वॉशरूम में पानी की कमी और उनके काफिले के मार्ग पर गंदगी होने को लेकर भी राज्य सरकार से जवाब मांगा गया है।

अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई पर भी मांगी जानकारी

केंद्र ने पत्र में यह भी पूछा है कि दार्जिलिंग के जिलाधिकारी, सिलीगुड़ी के पुलिस आयुक्त और अतिरिक्त जिलाधिकारी के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है, जो इन कथित उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार माने जा रहे हैं।

उपराष्ट्रपति और पीएम मोदी ने जताई नाराजगी

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी उच्च संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति को वह सम्मान मिलना चाहिए, जिसका वह हकदार है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पश्चिम बंगाल सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि राष्ट्रपति के साथ हुआ व्यवहार “शर्मनाक और अभूतपूर्व” है और तृणमूल कांग्रेस सरकार ने सभी सीमाएं पार कर दी हैं।

ममता बनर्जी ने आरोपों को किया खारिज

वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्यक्रम में प्रोटोकॉल का कोई उल्लंघन नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यदि कार्यक्रम में कोई गड़बड़ी हुई है तो इसकी जिम्मेदारी निजी आयोजकों और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की है, जिसने कार्यक्रम स्थल उपलब्ध कराया था।

ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि उनकी सरकार राष्ट्रपति पद और संविधान का पूरा सम्मान करती है। उन्होंने भाजपा पर पलटवार करते हुए एक पुरानी तस्वीर दिखाते हुए कहा कि “राष्ट्रपति का अपमान करने की संस्कृति भाजपा की है, हमारी नहीं।”

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