लखनऊ में लगेगी महाराजा रणजीत सिंह की प्रतिमा, नगर निगम की मंजूरी पर सिक्ख समाज ने जताई खुशी
लखनऊ। लखनऊ नगर निगम की कार्यकारिणी द्वारा महाराजा रणजीत सिंह की प्रतिमा स्थापना को मंजूरी दिए जाने पर मंगलवार को सिक्ख समाज ने खुशी व्यक्त करते हुए इस ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत किया। समाज के लोगों ने इसे प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।
सिक्खी मेरी पहचान फाउंडेशन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सबसे पहले सदर गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेककर गुरु साहिब का शुक्राना अदा किया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ की महापौर सुषमा खरकवाल से शिष्टाचार भेंट कर प्रतिमा स्थापना की स्वीकृति के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि महाराजा रणजीत सिंह, जिन्हें 'शेर-ए-पंजाब' के नाम से जाना जाता है, भारतीय इतिहास के महान शासकों में से एक थे। उन्होंने न्याय, धार्मिक सौहार्द, सुशासन और सभी धर्मों के सम्मान पर आधारित शासन व्यवस्था स्थापित की। उनकी प्रतिमा का लखनऊ में स्थापित होना न केवल सिक्ख समाज बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह निर्णय महाराजा रणजीत सिंह के राष्ट्रप्रेम, वीरता, सुशासन और सामाजिक समरसता के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर सिक्खी मेरी पहचान फाउंडेशन के अध्यक्ष सरदार दिलप्रीत सिंह (डी.पी.) सहित सरदार रणवीर सिंह कलसी, सरदार कुलवंत सिंह, सरदार मनमोहन सिंह, सरदार कुलवीर सिंह सोढ़ी, सरदार निरवैर सिंह, सरदार सुरिंदर पाल सिंह घई, सरदार हरजीत सिंह सोखी, सरदार सुरजीत सिंह राजा, सरदार भूपिंदर सिंह (मोनू) और सरदार मलकीत सिंह उपस्थित रहे।
अंत में प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ नगर निगम एवं महापौर सुषमा खरकवाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय समाज में एकता, सद्भाव और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण को नई दिशा देगा।
