लखनऊ में वर्षभर होंगे 12 से अधिक सांस्कृतिक कार्यक्रम, काकोरी दिवस से यूपी दिवस तक होंगे भव्य आयोजन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार का संस्कृति विभाग वर्ष 2026-27 के दौरान राजधानी लखनऊ में एक दर्जन से अधिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करेगा। इन आयोजनों का उद्देश्य राष्ट्रीय पर्वों, महापुरुषों की जयंती, ऐतिहासिक घटनाओं और आस्था स्थलों से जुड़ी सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाना है। साथ ही प्रदेश और स्थानीय कलाकारों को मंच उपलब्ध कराकर उन्हें सम्मानजनक मानदेय के माध्यम से आर्थिक सहयोग भी दिया जाएगा।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि संस्कृति विभाग द्वारा तैयार कार्ययोजना के तहत वर्षभर विभिन्न अवसरों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, सेमिनार, कार्यशालाएं और लोक कला आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इन प्रमुख अवसरों पर होंगे कार्यक्रम
- 9 अगस्त 2026 – काकोरी ट्रेन एक्शन वर्षगांठ, शहीद स्मारक बाजनगर
- 19 दिसंबर 2026 – काकोरी बलिदान दिवस
- अक्टूबर 2026 – गिरिजा देवी समारोह
- दिसंबर 2026 – अटल जयंती सांस्कृतिक समारोह
- 11 नवंबर 2026 – बिरसा मुंडा जयंती एवं जनजातीय उत्सव
- 24-25 जुलाई 2026 – राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं 'रिवर वैली सिविलाइजेशन ऑफ यूपी' कार्यक्रम
- नवंबर/दिसंबर 2026 – पुतुल पर्व एवं राजस्थान-बंगाल की कठपुतली परंपरा पर आधारित सांस्कृतिक आयोजन
- जनवरी 2027 – यूपी दिवस पर पांच दिवसीय सैंड आर्ट शिविर
- 10 जनवरी 2027 – संग्रहालय विज्ञान एवं सिक्कों पर आधारित छह दिवसीय कार्यशाला
- 19 अगस्त 2026 – मोक्ष सप्तमी पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार
- 31 अगस्त एवं 1 सितंबर 2026 – कत्थक सम्राट गुरु लच्छू महाराज समारोह
स्थानीय कलाकारों को मिलेगा बड़ा मंच
जयवीर सिंह ने बताया कि इन कार्यक्रमों में प्रदेश और देश के प्रसिद्ध कलाकारों के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों को भी प्रस्तुति का अवसर मिलेगा। इससे प्रदेश की लोक संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और कलाकारों को आर्थिक लाभ भी प्राप्त होगा।
सांस्कृतिक विरासत को मिलेगी नई पहचान
संस्कृति विभाग का उद्देश्य उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों और राष्ट्रीय महत्व के आयोजनों को नई पहचान देना है। इन आयोजनों के माध्यम से युवाओं को इतिहास, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
