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वृक्षारोपण महायज्ञ 2026: 40 करोड़ पौधे रोपने का लक्ष्य, मंत्री सक्सेना

वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने वृक्ष संरक्षण, वृक्षारोपण महायज्ञ 2026, वेटलैंड प्रबंधन व मानव-वन्यजीव संघर्ष पर समीक्षा बैठक में दिए अहम निर्देश।
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Shivam Srivastava
  • Updated: August 20, 2026

वृक्षारोपण महायज्ञ 2026 के तहत 40 करोड़ से अधिक पौध रोपित करने का लक्ष्य, वन मंत्री ने की समीक्षा बैठक

लखनऊ। वन एवं वन्यजीव विभाग, मुख्यालय स्थित पारिजात सभाकक्ष में बुधवार को राज्यमंत्री (स्वतन्त्र प्रभार), वन, पर्यावरण, जन्तु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन, उत्तर प्रदेश, डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम 1976 के अन्तर्गत प्रतिबंधित प्रजातियों की वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा हेतु गठित समिति की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने वर्तमान परिक्षेत्रों एवं राज्य की जनता को सुविधा उपलब्ध कराने की दृष्टि से यथावश्यक संशोधन कराए जाने के साथ ही कृषि भूमि में वृक्ष पातन के सम्बन्ध में मॉडल रूल्स तैयार करने के निर्देश दिए।

प्रभागवार प्रगति की हुई विस्तृत समीक्षा

बैठक में पौधशालाओं व वृक्षारोपण की योजना, कृषि वानिकी नीति, वानिकी कार्यों हेतु आउटसोर्सिंग के माध्यम से श्रमिकों की सेवाएं क्रय किए जाने, लैण्ड बैंक सत्यापन, आर्द्रभूमि अधिसूचना, गोरखपुर में विश्वविद्यालय की स्थापना, ग्रीन बिल्डिंग व कुकरैल नाइट सफारी के निर्माण, वन बल के आधुनिकीकरण, ईको पर्यटन प्रोजेक्ट तथा अनुसंधान एवं प्रलेखन यूनिट की गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

वृक्षारोपण महायज्ञ 2026: 40 करोड़ पौधे रोपने का लक्ष्य

श्री सक्सेना ने वृक्षारोपण महायज्ञ 2026 के अंतर्गत व्यापक जनसहभागिता तथा विभागों के मध्य समन्वय से प्रदेश में 40 करोड़ से अधिक पौध रोपित करने तथा महर्षि चरक औषधि वन, समृद्धि वन, कपि वन, ऊर्जा वन, समरस वन व वन्देमातरम् वाटिका की स्थापना के लिए किए गए प्रयासों पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिया कि इसी उत्साह के साथ:

  • रक्षाबन्धन पर्व पर — 'भाई-बहन वृक्षारोपण' का आयोजन
  • शिक्षक दिवस पर — शिक्षकों को समर्पित 'एक पेड़ गुरू के नाम' की स्थापना

पौधशालाओं में ग्राफ्टिंग व टिश्यू कल्चर पर जोर

मंत्री ने पौधशालाओं में उगाई जा रही पौधों की गुणवत्ता व वृद्धि हेतु ग्राफ्टिंग व टिश्यू कल्चर द्वारा पौध उगाने तथा इसके लिए प्रत्येक वन प्रभाग में वन कर्मियों को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। कृषकों की आय बढ़ाने हेतु कृषि वानिकी नीति को अंतिम रूप देने और किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप पौध प्रजाति उगाने हेतु प्रेरित व प्रशिक्षित करने का भी निर्देश दिया।

वेटलैंड्स प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था पर निर्देश

वृक्षारोपण क्षेत्रों की प्रभावी सुरक्षा, अनुरक्षण, अनुश्रवण एवं थर्ड पार्टी मॉनिटरिंग करवाने के निर्देश देते हुए मंत्री ने कहा कि पौधों की सिंचाई व रखरखाव को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा बाढ़/जलभराव की स्थिति में जल निकासी की व्यवस्था की जाए। प्रदेश में अधिसूचित 101 वेटलैण्ड्स का वैज्ञानिक प्रबन्धन, जलागम क्षेत्र में वृक्षारोपण व वेटलैण्ड्स को प्रदूषण मुक्त रखने हेतु ग्राम समाज से समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया।

मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए चेनलिंक फेंसिंग व रेस्क्यू सेंटर

मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर चिन्ता व्यक्त करते हुए मंत्री ने इसे न्यून करने के लिए चेनलिंक फेंसिंग तथा तेंदुआ सफारी व रेस्क्यू सेंटरों का निर्माण यथाशीघ्र पूर्ण करने, स्थानीय ग्रामवासियों को जागरूक करने व वन्यजीव प्रबन्धन में उनकी सहभागिता प्राप्त करने का निर्देश दिया।

ईको पर्यटन प्रोजेक्ट्स की समीक्षा

चित्रकूट, बाराबंकी, प्रतापगढ़ व फिरोजाबाद सहित विभिन्न जनपदों में संचालित ईको पर्यटन प्रोजेक्ट की समीक्षा कर कार्य तत्काल पूर्ण करने तथा प्रत्येक प्रभाग में इको पर्यटन की संभावनाओं का सर्वेक्षण कर योजनाएं तत्काल प्रेषित करने का निर्देश दिया गया।

अधिकारियों ने दी जानकारी

समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग वी. हेकाली झिमोमी ने बताया कि कृषि भूमि पर वृक्षों के पातन तथा प्रतिबंधित प्रजातियों को निर्धारित करने के सम्बन्ध में अन्य राज्यों की बेस्ट प्रेक्टिसेज का अध्ययन कर मॉडल रूल्स तैयार करने के लिए समिति का गठन किया गया है।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील चौधरी ने बताया कि रक्षाबन्धन व शिक्षक दिवस के अवसर पर 'भाई-बहन वृक्षारोपण' तथा 'एक पेड़ गुरू के नाम' रोपित कर गुरू वन की स्थापना में प्रतिभाग करने हेतु जनप्रतिनिधियों से भी अनुरोध किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि वृक्षारोपण महायज्ञ के अन्तर्गत हरड़, बहेड़ा, असना जैसी भूली-बिसरी प्रजातियों के रोपण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है।

बैठक में रहे ये वरिष्ठ अधिकारी मौजूद

समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव वी. हेकाली झिमोमी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील चौधरी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अनुराधा वेमुरी, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक दीपक कुमार, एन रविन्द्रा, राम कुमार, सुशांत शर्मा, ललित वर्मा, ए.पी. सिन्हा, भीमसेन, पी.पी. सिंह, मुख्य वन संरक्षक प्रमोद कुमार गुप्ता, अदिति शर्मा सहित प्रदेश के समस्त वनाधिकारियों ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रतिभाग किया।

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