लखनऊ, कैनविज टाइम्स संवाददाता। आशियाना स्थित महाराजा बिजली पासी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विशाखा गाइडलाइन की आईसीसी समिति द्वारा आयोजित पॉलिसी अगेंस्ट सेक्सुअल हैरेसमेंट विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आईसीसी समिति पीठासीन डॉ सुमन गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि हाई कोर्ट रिटायर्ड जज बृजमोहन गुप्ता, आईसीसी सदस्य सुमेधा नीलू त्रिवेदी, आईसीसी सदस्य भास्कर दत्त पांडे तथा अरुण मिश्रा की विशेष उपस्थिति रही।

इस अवसर पर समिति सदस्य सुमेधा नीलू त्रिवेदी ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाई गई अनेक योजनाओं की प्रशंसा की तथा जीरो टॉलरेंस पर मुख्यमंत्री के विचारों को व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के अपराध, भ्रष्टाचार व अन्याय के खिलाफ सख्त निर्णय लेना व महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना मुख्यमंत्री की विशेष कर प्रणाली है जिसके आधार पर आज उत्तर प्रदेश भय मुक्त प्रदेश बन चुका है और उत्तर प्रदेश में महिलाओं के अंदर सुरक्षा की भावना बहुत मजबूत हो गई है, उन्होंने कहा कि आंतरिक परिवाद समिति का सदस्य होने के नाते मेरी जिम्मेदारी है की कार्यक्षेत्र में यौन उत्पीड़न संबंधित शिकायतों को पूरी तरह गोपनीय प्रबंधन प्रणाली द्वारा निष्पक्ष जांच करते हुए पीड़ित व्यक्ति को न्याय दिलाया जाए तथा कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न संबंधी कोई भी व्यक्ति ऐसी स्थिति में व्यक्तिगत रूप से 90 दिनों के भीतर या उसके बाद भी अपनी शिकायत कर सकता है और समिति द्वारा ऐसे विषयों पर निष्पक्ष जांच करके सहयोग प्रदान किया जाना ही इस समिति को गठित करने का मुख्य उद्देश्य है। कॉलेज की प्राचार्य डॉ सुमन गुप्ता ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए लागू की गई योजनाओं के बारे में अवगत कराया तथा अपराध को सहने वाला भी अपराध करने वाले की तरह दोषी होता है अतः सभी महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी होना बेहद अनिवार्य है इस पर अपने विचार व्यक्त किया।

