12 जुलाई से शुरू होगा यूपी का वृहद वृक्षारोपण अभियान-2026, 57 हजार ग्राम पंचायतों में लगाए जाएंगे 1.42 करोड़ पौधे
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से 12 जुलाई 2026 से वृहद वृक्षारोपण अभियान-2026 का शुभारंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप पंचायती राज विभाग द्वारा "मेरी पंचायत : हरित पंचायत" अभियान शुरू किया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश की 57 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में 1.42 करोड़ पौधों का रोपण किया जाएगा।
अभियान का उद्देश्य केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्राम पंचायतों को पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, स्वच्छता और सतत विकास का सशक्त केंद्र बनाना भी है।
हर ग्राम पंचायत में होगी विशेष ग्राम सभा
अभियान के तहत प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इन बैठकों में पर्यावरण संरक्षण को ग्राम पंचायत विकास एजेंडा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाएगा।
ग्राम सभाओं में चारागाहों, तालाबों, अमृत सरोवरों, वेटलैंड क्षेत्रों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों का चिन्हांकन कर व्यापक वृक्षारोपण की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। साथ ही ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) में हरित विकास से जुड़ी गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
सार्वजनिक स्थलों पर बड़े पैमाने पर होगा पौधारोपण
पंचायत भवनों, विद्यालयों, सामुदायिक परिसरों, सड़क किनारों, तालाबों, अमृत सरोवरों, चारागाहों तथा अन्य सार्वजनिक भूमि पर व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा।
स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार पीपल, बरगद, पाकड़, नीम, सहजन तथा विभिन्न फलदार पौधों का रोपण किया जाएगा। पौधों की उपलब्धता के लिए नर्सरियों का चिन्हांकन होगा तथा पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड, नियमित सिंचाई और जीवित रहने की निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी।
'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान को मिलेगा बढ़ावा
अभियान के दौरान "एक पेड़ माँ के नाम" जैसी जनभागीदारी आधारित पहल को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा।
ग्राम प्रधानों, पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, महिला समूहों, युवाओं, विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी से वृक्षारोपण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा। पौधों के संरक्षण को सामुदायिक जिम्मेदारी के रूप में विकसित करने पर भी विशेष जोर रहेगा।
हरित विकास के लिए बहुआयामी पहल
"मेरी पंचायत : हरित पंचायत" अभियान के तहत केवल वृक्षारोपण ही नहीं बल्कि—
- वर्षा जल संचयन
- तालाबों और कुओं का संरक्षण एवं पुनर्जीवन
- ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन
- गोबर गैस एवं सामुदायिक कम्पोस्टिंग
- सौर ऊर्जा का विस्तार
- जैविक खेती को बढ़ावा
- रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग के प्रति जागरूकता
- पराली प्रबंधन
- ड्रिप एवं सूक्ष्म सिंचाई जैसी जल संरक्षण तकनीकों को बढ़ावा
जैसी गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी।
ऑनलाइन मॉनिटरिंग और सोशल मीडिया पर रहेगा फोकस
अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए सभी ग्राम सभाओं की कार्यवाही ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।
वृक्षारोपण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों का फोटो और वीडियो प्रलेखन किया जाएगा। ग्राम पंचायतें यूट्यूब, फेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करेंगी।
राजभर बोले- हरित विकास की नई कार्यसंस्कृति बनेगी
पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि "मेरी पंचायत : हरित पंचायत" अभियान ग्राम पंचायतों में जनसहभागिता आधारित हरित विकास की नई कार्यसंस्कृति स्थापित करेगा। यह अभियान केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व को ग्राम पंचायतों की विकास प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाएगा।
निदेशक अमित कुमार सिंह ने दिए निर्देश
पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह (आईएएस) ने बताया कि अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी जिलों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष ग्राम सभाओं के आयोजन से लेकर पौधारोपण, पौध संरक्षण, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन तथा हरित विकास से जुड़ी सभी गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी।
