CEIR पोर्टल बना गुम मोबाइल का सहारा, गाजीपुर पुलिस ने बरामद किए 36 फोन
लखनऊ। गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए चलाए जा रहे अभियान में गाजीपुर पुलिस की साइबर हेल्पडेस्क टीम को बड़ी सफलता मिली है। CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल की मदद से पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से कुल 36 गुम और खोए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल फोनों की अनुमानित कीमत करीब 5.80 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस उपायुक्त पूर्वी दीक्षा शर्मा के कुशल पर्यवेक्षण एवं अपर पुलिस उपायुक्त पूर्वी अनमोल मुर्कुट और सहायक पुलिस आयुक्त गाजीपुर अतुल कुमार पाण्डेय के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक थाना गाजीपुर राजेश कुमार मौर्या के नेतृत्व में साइबर हेल्पडेस्क टीम लगातार गुम और खोए मोबाइल फोनों की तकनीकी निगरानी एवं ट्रेसिंग कर रही थी।
इसी क्रम में CEIR पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर मोबाइल फोनों से संबंधित तकनीकी जानकारी, उनके उपयोग और लोकेशन से जुड़े विवरण का विश्लेषण किया गया। तकनीकी निगरानी और ट्रेसिंग के बाद पुलिस टीम ने विभिन्न स्थानों से कुल 36 मोबाइल फोन बरामद करने में सफलता हासिल की।
2023-24 में खोए मोबाइल भी हुए बरामद
पुलिस की कार्रवाई की खास बात यह रही कि बरामद मोबाइल फोनों में कुछ ऐसे फोन भी शामिल हैं, जो वर्ष 2023 और 2024 में गुम हुए थे। काफी समय बीत जाने के बावजूद लगातार तकनीकी निगरानी और ट्रेसिंग के जरिए पुलिस ने इन मोबाइल फोन को भी बरामद कर लिया।
बरामद मोबाइल फोन में Oppo, Vivo, Samsung, Motorola, OnePlus, Realme, Redmi, LAVA और itel समेत विभिन्न कंपनियों के मोबाइल शामिल हैं।
आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने बरामद मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द कर दिए। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर स्वामियों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। उन्होंने लखनऊ पुलिस और थाना गाजीपुर की साइबर हेल्पडेस्क टीम का आभार जताया।
गाजीपुर पुलिस की यह कार्रवाई गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी में तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल और पुलिस की सक्रियता को दर्शाती है।
साइबर हेल्पडेस्क टीम की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने की स्थिति में तत्काल संबंधित पुलिस को सूचना दें। साथ ही CEIR पोर्टल पर मोबाइल के IMEI को ब्लॉक कराने की प्रक्रिया अपनाएं।
पुलिस ने यह भी कहा है कि मोबाइल से संबंधित कोई जानकारी मिलने पर इसकी सूचना पुलिस को दें, ताकि फोन की बरामदगी की प्रक्रिया में सहयोग मिल सके।
