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New year 2026 पर महादेव की काशी हाउसफुल, मंदिर से लेकर घाट तक उमड़े पर्यटक

साल की पहली सुबह काशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र उत्सव का महाकुंभ बना और काशी भक्ति की राजधानी बनी
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Admin
  • Updated: January 2, 2026

New year 2026 पर महादेव की काशी हाउसफुल,  मंदिर से लेकर घाट तक उमड़े पर्यटक

साल की पहली सुबह काशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र उत्सव का महाकुंभ बना और काशी भक्ति की राजधानी बनी। इस दौरान श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में शाम सात बजे तक करीब छह लाख भक्तों ने दर्शन किए। वहीं काशी के अन्य मंदिरों व गंगा घाटों पर पर्यटकों की भारी भीड़ रही। नवदिन, नववर्ष, नव प्रभात, शिव-स्मरण आधार... देशभर से बाबा के दर्शन करने पहुंचे भक्त मानों कह रहे हो कि काशी कंठ में बस गई, भक्ति बनी संस्कार। नववर्ष के पहले दिन काशी में आस्था का अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में शाम सात बजे तक करीब छह लाख भक्तों ने दर्शन किए। जो पिछले वर्ष जनवरी के पांच लाख के आंकड़े से कहीं अधिक रहा। भक्तों की संख्या सामान्य पर्वों और विशेष अवसरों को पीछे छोड़ गई।  श्रीकाशी विश्वनाथ में शाम सात बजे तक करीब 6 लाख भक्तों ने दर्शन किए। पिछले साल एक जनवरी 2025 पर करीब 5 लाख भक्तों ने बाबा के दर्शन किए थे। 31 दिसंबर की देर रात से ही भक्त दर्शन के लिए लाइन में लग गए। गोदौलिया चौराहे और चौक तक दर्शन की लाइनें लगी रहीं। भक्तों ने पांच द्वार से बाबा के दर्शन किए। वहीं, बाबा कालभैरव के दर्शन की भी गलियों में लगी लाइने लगी रहीं। रात 12 बजे तक करीब सवा 2 दो लाख भक्तों ने दर्शन कर बाबा का आशीर्वाद लिया। हाथ में धागा बंधवाने, माथे पर बंदन लगवाने के लिए भीड़ मंदिर में जुटी रही। वहीं कालभैरव अष्टमी पर 2025 में करीब 50 हजार भक्तों ने दर्शन किए थे। उधर, मार्कंडेय महादेव में सावन का भी रिकॉर्ड टूट गया। सावन के पहले सोमवार को यहां करीब एक लाख से डेढ़ लाख तक भक्त दर्शन करते हैं। बृहस्पतिवार कोयहां करीब ढाई लाख भक्तों ने हाजिरी लगाई। इसी तरह शूलटंकेश्वर में करीब 30 हजार भक्तों ने दर्शन किए। नववर्ष पर बृहस्पतिवार को उत्सवी रंग बिखरा। लोगों ने घर से मंदिर तक वर्ष की मंगल कामना की। पिकनिक स्पॉट और घाटों पर मौज-मस्ती का नजारा दिखा। दिनभर नावों से गंगा में सैर-सपाटे का दौर चलतार रहा। वहीं, गंगा पार रेती खेल का मैदान बना रहा। ऊंट और घोड़े सवारी की सवारी का लोगों को खूब लुत्फ उठाया। साल की पहली तारीख पर सूरज की पहली रोशनी पड़ते ही लोगों ने खुशियों की नव अनुभूति की। साल की बधाइयों का सिलसिला रात तक चला।  दिन चढ़ने के साथ कोई परिवार संग तो युवाओं की टोलियां नए साल की खुशियां बांटने निकल पड़े। शहर से सुदूर इलाकों के पर्यटन स्थलों पर भीड़ देर शाम तक रही। दशाश्वमेध, नमोघाट, अस्सीघाट पर खासकर युवक-युवतियों का हुजूम उमड़ा रहा।  नववर्ष के पहली तारीख को पौष माह के शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि होने से गंगा स्नान करने वालों की भीड़ रही। स्नान-दान किया और घाट किनारे के मंदिरों दर्शन भी किए। दशाश्वमेध घाट पर शीतला मांता मंदिर, अस्सीघाट पर बनखंडी महादेव, राजघाट की तरफ आदिकेशव मंदिर आदि मंदिरों में लोगों ने दर्शन किए। उधर, दशाश्वमेध घाट और अस्सीघाट पर गंगा आरती में भीड़ उमड़ी रही।  संकटमोचन के दर्शन करने को सुबह चार बजे से ही भक्त पहुंचने लगे। देर रात तक लाइन लगी रही। करीब 2 लाख भक्तों ने बाबा के दर्शन कर प्रसाद अर्पित किया। प्रसाद स्वरुप में यहां से बंदन और तुलसी दल साथ में ले गए। यहां भी पर्वों से अधिक भीड़ रही। हनुमान जन्मोत्सव पर करीब डेढ़ लाख भक्तों ने बाबा का आशीर्वाद लिया था। दुर्गा मंदिर में दर्शन करने आ रहे भक्तों ने बृहस्पतिवार को सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। नवरात्र में पहले दिन भी यहां करीब 70 हजार के आसपास भक्त दर्शन करते हैं। बृहस्पतिवार को पूरे दिन लाइन लगी रही। करीब 2 लाख भक्तों ने मां के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। 

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