लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र सोमवार से औपचारिक रूप से आरंभ हो गया। सत्र की शुरुआत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण से हुई, जिसके बाद विधानसभा में आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसके उपरांत सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सदन में आर्थिक सर्वेक्षण पेश करते हुए बताया कि राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी बढ़कर अब नौ प्रतिशत से अधिक हो गई है, जबकि वर्ष 2016-17 में यह लगभग आठ प्रतिशत थी। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय लगभग 1.20 लाख रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
बजट सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत कर सरकार की प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। उन्होंने कहा कि सरकार विकास, सुशासन और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता के साथ सदन के पटल पर रखेगी। साथ ही मुख्यमंत्री ने विपक्ष से रचनात्मक सहयोग की अपील भी की।
यह बजट सत्र 9 फरवरी से 20 फरवरी तक चलेगा। सत्र के दौरान जहां सरकार अपनी विकास योजनाओं और उपलब्धियों को सामने रखेगी, वहीं विपक्ष एसआईआर, प्रदेश की कानून-व्यवस्था और अमेरिका-भारत ट्रेड डील जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना 11 फरवरी को विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे।
वित्त मंत्री ने सभी दलों को आश्वस्त किया कि सरकार प्रदेश के समग्र विकास को गति देने के लिए पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। वहीं विपक्ष ने भी बजट और नीतिगत विषयों पर सरकार से तीखे सवाल उठाने के संकेत दिए हैं।
