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UP: कैसे हुई थाना प्रभारी की मौत?... स्टाफ ने खोले राज,

महिला सिपाही के लिए पिता और भाई ने संभाला मोर्चा जालौन के कुठौंद थाना प्रभारी अरुण कुमार राय की मौत मामले में एसआईटी जांच में जुटी है। टीम ने कुठौंद थाने में स्टाफ से पूछताछ की है।
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Admin
  • Updated: December 10, 2025

 महिला सिपाही के लिए पिता और भाई ने संभाला मोर्चा जालौन के कुठौंद थाना प्रभारी अरुण कुमार राय की मौत मामले में एसआईटी जांच में जुटी है। टीम ने कुठौंद थाने में स्टाफ से पूछताछ की है। उधर, महिला सिपाही मीनाक्षी से जेल में मिलने के लिए पिता और भाई पहुंचे। मीनाक्षी के पिता और भाई उरई के ही होटल में ठहरे हैं और वकीलों से लगातार बात कर रहे हैं। यूपी के जालौन जिले के कुठौंद थाना प्रभारी अरुण कुमार राय की गोली लगने से हुई मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए एसपी ने अब एसआईटी टीम में दो और लोगों को शामिल किया है। अब पांच सदस्यीय टीम पूरे मामले की जांच पड़ताल करेगी। टीम ने मंगलवार को कुठौंद थाने में स्टाफ से पूछताछ की।

कुठौंद थाना प्रभारी अरुण कुमार राय की थाना परिसर स्थित अपने आवास में शुक्रवार को पिस्टल से गोली लगने से मौत हो गई थी। उनकी पत्नी माया की तहरीर पर पुलिस ने महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। यहां से उसे जेल भेज दिया गया था। इंस्पेक्टर की मौत कैसे हुई। इसकी जांच करने के लिए एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। मंगलवार को टीम में दो सदस्यों को और शामिल किया गया है। इसमें एक महिला सिपाही भी शामिल है। अब पांच सदस्यीय टीम पूरे मामले की जांच पड़ताल करेगी।
सोमवार और मंगलवार को टीम के सदस्यों ने थाने के स्टाफ से पूछताछ की। अभी उनसे कई राउंड में पूछताछ की जाएगी। वहीं, आरोपी महिला सिपाही का कहना है कि जब वह थाना प्रभारी के आवास पर पहुंची थी तो वह लहूलुहान हालत में पड़े थे। एसआईटी पूरे मामले की जांच हर बिंदु पर कर रही है। महिला सिपाही से जेल में मिलने पहुंचे पिता और भाई

कुठौंद थाना प्रभारी अरुण कुमार राय की संदिग्ध मौत मामले में जेल भेजी गई नामजद आरोपी महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा से मंगलवार को उसके परिजन मिलने पहुंचे। सुबह करीब 11 बजे मीनाक्षी के पिता और भाई जिला जेल पहुंचे, जहां मिलने की औपचारिकताओं के बाद दोनों को निर्धारित समय के लिए अंदर भेजा गया। लगभग 20 मिनट चली मुलाकात में परिवार ने मीनाक्षी का हालचाल जाना और उसकी दिनचर्या के लिए आवश्यक सामान सौंपा। जेल परिसर में मीनाक्षी से मिलने पहुंचे परिजनों की मौजूदगी को लेकर दिनभर चर्चा बनी रही। मामले की गंभीरता और लगातार हो रहे नए खुलासों के चलते जेल प्रशासन भी सतर्क दिखाई दिया।

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