Varanasi रोपवे के वायरल ट्रॉली के वीडियो को बताया फर्जी
वाराणसी में रोपवे की टेस्टिंग का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो को लेकर लोग सोशल मीडिया पर तरह- तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। ऐसे में प्रशासन ने इस वीडियो का सच बताया है। रोपवे की ट्रॉली की टेस्टिंग का वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर साझा किया गया। इसके जरिये सुरक्षा पर सवाल खड़े किए गए। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सक्रियता दिखाई और वायरल वीडियो को फर्जी करार दिया। प्रशासन ने कहा कि यह परीक्षण प्रक्रिया का हिस्सा है। सोशल मीडिया में रोपवे के प्रसारित वीडियो में जो आप देख रहे हैं, यह पूरी तरह झूठ है। वाराणसी की रोपवे प्रणाली अंतरराष्ट्रीय मानकों, विशेष रूप से यूरोपीय सुरक्षा कोड के अनुसार डिजाइन की गई है। संचालन से पहले कठोर और विस्तृत सुरक्षा परीक्षण किए जाते हैं। एनएचएलएमएल की ओर से किया जा रहा यह ट्रायल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक विस्तृत और योजनाबद्ध परीक्षण प्रक्रिया का हिस्सा है। इसमें आपातकालीन ब्रेकिंग, तेज हवा के दबाव की स्थिति, सेंसर की सक्रियता और अन्य परिस्थितियों में प्रणाली के सुरक्षित संचालन की जांच की जाती है। रोपवे हर स्थिति में सुरक्षित है। सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कमिश्नर बोले- लोड टेस्टिंग का हिस्सा
मंडलायुक्त एस राजलिंगम ने रोपवे के कैंट, विद्यापीठ और रथयात्रा स्टेशन का निरीक्षण करने के बाद कहा कि रोपवे से संबंधित एक वीडियो वायरल हो रहा है। प्रथम चरण कैंटोमेंट से रथयात्रा का काम पूरा हो गया है। यहां लोड टेस्टिंग का काम चल रहा है। इमरजेंसी ब्रेक लगाने पर रोपवे स्विंग करता है जो मानक के अनुरूप है। यह टेस्टिंग का पार्ट है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी दी जा रही है।
