कैनविज टाइम्स, डिजिटल डेस्क ।
भारतीय क्रिकेट टीम के दो पूर्व दिग्गज खिलाड़ी, सुरेश रैना और शिखर धवन — एक बड़े कानूनी विवाद में फंस गए हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दोनों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कड़ी कार्रवाई करते हुए कुल ₹11.14 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर ली है। यह कदम ईडी द्वारा चल रही उस जांच का हिस्सा है जो ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म 1xBet से जुड़ी अवैध वित्तीय गतिविधियों पर केंद्रित है। ईडी की जांच में पाया गया कि इन दोनों क्रिकेटरों ने 1xBet और उससे जुड़ी विदेशी संस्थाओं के साथ प्रमोशन और एंडोर्समेंट के अनुबंध किए थे। एजेंसी का आरोप है कि यह “जानबूझकर किया गया समर्थन” था, जिससे अवैध सट्टेबाजी ऐप को वैधता और लोकप्रियता मिली।
क्या है मामला?
पिछले कुछ महीनों से ईडी देशभर में चल रहे ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट्स पर शिकंजा कस रही है। इन ऐप्स के ज़रिए करोड़ों रुपये का अवैध लेन-देन और टैक्स चोरी होने का संदेह है। जांच में यह भी सामने आया कि ये ऐप्स “स्किल गेम्स” के नाम पर सट्टेबाजी को बढ़ावा दे रहे थे। 1xBet नामक विदेशी सट्टेबाजी साइट के खिलाफ ईडी को ठोस वित्तीय सुराग मिले, जिसके बाद कई फिल्मी हस्तियों और क्रिकेटरों से पूछताछ की गई। इनमें रैना और धवन के अलावा युवराज सिंह, रॉबिन उथप्पा, सोनू सूद, उर्वशी रौतेला, मिमी चक्रवर्ती और अंकुश हाजरा जैसे नाम शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, धवन से करीब 8 घंटे की पूछताछ की गई, जिसमें उनके प्रचार अनुबंध, बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल पेमेंट्स से जुड़े दस्तावेज़ों की जांच हुई। वहीं, रैना से भी ईडी ने कई दौर की पूछताछ की और उनके म्यूचुअल फंड निवेशों की जांच की गई।
कितनी संपत्ति हुई कुर्क?
ईडी ने गुरुवार को जारी आदेश में बताया कि शिखर धवन की ₹4.5 करोड़ की अचल संपत्ति (रियल एस्टेट निवेश) को कुर्क किया गया है, जबकि सुरेश रैना के ₹6.64 करोड़ मूल्य के म्यूचुअल फंड और निवेश खातों को जब्त किया गया है। एजेंसी ने यह भी कहा कि यह अस्थायी कुर्की (provisional attachment) है, और आगे जांच में यदि नए साक्ष्य मिलते हैं, तो आरोप तय किए जा सकते हैं। ईडी के अनुसार, इन क्रिकेटरों ने विदेशी कंपनियों के साथ ऐसे प्रचार समझौते किए जो भारतीय कानूनों के विपरीत थे। भारत में ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए से संबंधित गतिविधियाँ अवैध हैं, फिर भी इन ऐप्स को क्रिकेटरों की लोकप्रियता के सहारे लोगों के बीच पहुँचाया गया। एजेंसी का कहना है कि इन एंडोर्समेंट्स से न केवल करोड़ों का राजस्व उत्पन्न हुआ, बल्कि इसका एक बड़ा हिस्सा विदेशी खातों में ट्रांसफर कर धन शोधन किया गया। ईडी ने इस केस में कई फिल्मी और खेल जगत की हस्तियों से पूछताछ की है। बताया जा रहा है कि कुछ कलाकारों ने इन ऐप्स के लिए विज्ञापन किए और भुगतान “कंसल्टेंसी” या “ब्रांड कोलैबोरेशन” के नाम पर लिया।
साथ ही, कुछ डिजिटल मार्केटिंग एजेंसियों और विदेशी पेमेंट गेटवे कंपनियों की भी जांच हो रही है, जिन्होंने इन भुगतानों को ट्रांसफर करने में भूमिका निभाई थी। यह मामला भारत में ऑनलाइन सट्टेबाजी उद्योग की कानूनी स्थिति पर गंभीर सवाल उठाता है। सरकार पहले ही इन ऐप्स के प्रचार पर रोक लगाने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर चुकी है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 2023 में सभी मीडिया प्लेटफॉर्म्स को चेतावनी दी थी कि वे किसी भी अवैध सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म का विज्ञापन न दिखाएँ। ईडी की यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि अब सेलिब्रिटीज़ की जवाबदेही तय की जाएगी। किसी उत्पाद या सेवा के प्रचार के बदले में मिलने वाले लाभ की वैधता और पारदर्शिता पर भी सवाल उठ रहे हैं। ईडी की यह कार्रवाई खेल और मनोरंजन जगत दोनों के लिए एक चेतावनी है। लोकप्रिय चेहरों द्वारा किसी भी कंपनी या ऐप का प्रचार करने से पहले उसकी कानूनी स्थिति की जांच जरूरी है। रैना और धवन का मामला अब आगे अदालत में जाएगा, जहाँ यह तय होगा कि उनकी भूमिका केवल प्रचार तक सीमित थी या धन शोधन में उनकी कोई प्रत्यक्ष भागीदारी भी थी।
