करोड़ों की लागत से बना बस अड्डा बना प्रतीक्षालय, विभागीय लापरवाही से भटक रहे यात्री, बसें नदारद, डग्गामार वाहनों के भरोसे सफर
पूरनपुर (पीलीभीत)। यात्रियों को आधुनिक और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित पूरनपुर रोडवेज बस अड्डा आज विभागीय उदासीनता का प्रतीक बनता जा रहा है। नियमित बसों का संचालन न होने, कर्मचारियों की कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार बस अड्डे पर पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती नहीं होने से यात्रियों को बसों के आगमन, प्रस्थान और गंतव्य की सही जानकारी नहीं मिल पाती। दूर-दराज से आने वाले यात्री घंटों तक बसों का इंतजार करते हैं, लेकिन कई रोडवेज बसें बस अड्डे के परिसर में प्रवेश ही नहीं करतीं।
डग्गामार वाहनों के भरोसे सफर
बसों के नियमित संचालन के अभाव में यात्रियों को मजबूर होकर डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। इससे न केवल अतिरिक्त किराया देना पड़ता है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में रहती है। कई लोगों का कहना है कि अब वे बस अड्डे जाने से भी कतराने लगे हैं।
झाड़ियों में छिप गया बस अड्डा
बस अड्डे के बाहर स्पष्ट संकेतक (साइन बोर्ड) नहीं लगे हैं। मुख्य सड़क से बस अड्डे का परिसर झाड़ियों और पेड़-पौधों से इस तरह ढका हुआ है कि बाहर से आने वाले यात्रियों को इसका पता तक नहीं चल पाता। इससे पहली बार आने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है।
विभागीय कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि करोड़ों रुपये की सार्वजनिक धनराशि से बने बस अड्डे का समुचित संचालन न होना विभागीय लापरवाही को दर्शाता है। लोगों ने परिवहन विभाग से मांग की है कि बस अड्डे से नियमित रोडवेज बसों का संचालन शुरू कराया जाए, पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति हो, परिसर की साफ-सफाई कराई जाए, स्पष्ट संकेतक लगाए जाएं तथा यात्रियों के लिए पारदर्शी सूचना व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि बस अड्डा अपने वास्तविक उद्देश्य को पूरा कर सके।
