कैनविज टाइम्स, डिजिटल डेस्क ।
ग्रेटर नोएडा के हजारों घर खरीदारों के लिए खुशखबरी आई है। लंबे समय से विवादों और वित्तीय संकट में फंसे हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को अब पूरा कराने की तैयारी शुरू हो गई है। यमुना प्राधिकरण (YEIDA) ने इन अधूरी परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए विशेष पहल की है, जिससे हजारों लोगों को अपने घरों की चाबी जल्द मिल सकती है। प्राधिकरण ने करी एंड ब्राउन एजेंसी को छह कानूनी विवादों में फंसी परियोजनाओं का सर्वे कराने का जिम्मा दिया है। सर्वे में इन परियोजनाओं की मौजूदा स्थिति, खरीदारों की संख्या, निवेश राशि, बकाया भुगतान, बैंक लोन और जमीन विवाद जैसे पहलुओं का आकलन किया जाएगा। इसके बाद यह तय किया जाएगा कि क्या प्राधिकरण स्वयं इन परियोजनाओं को पूरा करने की जिम्मेदारी ले सकता है या नहीं। अगर सर्वे के परिणाम प्राधिकरण के हित में पाए गए, तो न्यायालय के समक्ष इन परियोजनाओं को पूरा कराने का प्रस्ताव रखा जाएगा। ऐसा होने पर प्राधिकरण खरीदारों को उनके घरों का कब्जा देगा और साथ ही वित्तीय संस्थानों, किसानों व अन्य पक्षों के बकाए भी चुकाए जाएंगे। अनुमान है कि इससे लगभग पांच से छह हजार खरीदारों को अपने घर मिल सकेंगे।
प्रदेश सरकार पहले ही अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों को लागू कर चुकी है, जिसके तहत अधूरी बिल्डर परियोजनाओं को पूरा कराकर घर खरीदारों को राहत देने की योजना है। हालांकि यीडा क्षेत्र की सात परियोजनाओं में से छह अब भी जमीनी विवाद, अतिरिक्त मुआवजा और लोन जैसी बाधाओं के कारण रुकी हुई हैं। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने कहा कि घर खरीदारों के हित में अधूरी परियोजनाओं को पूरा कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। करी एंड ब्राउन एजेंसी के सर्वे के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इन प्रस्तावों को 7 नवंबर को होने वाली प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में पेश किया जा सकता है। यदि यह योजना लागू होती है, तो ग्रेटर नोएडा और यीडा क्षेत्र के रियल एस्टेट बाजार में फिर से रौनक लौट सकती है।
