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तीन साल कैद... भूख और जुल्म, कंकाल बन गई जवान बेटी, रिटायर्ड सीनियर क्लर्क की मौत

यूपी के महोबा से सनसनीखेज खबर सामने आई है। नौकर दंपति पर रेलवे से रिटायर्ड सीनियर क्लर्क और उनकी मानसिक रूप से बीमार बेटी को कैद रखने का आरोप है।
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Admin
  • Updated: December 30, 2025

तीन साल कैद... भूख और जुल्म, कंकाल बन गई जवान बेटी, रिटायर्ड सीनियर क्लर्क की मौत 

यूपी के महोबा से सनसनीखेज खबर सामने आई है। नौकर दंपति पर रेलवे से रिटायर्ड सीनियर क्लर्क और उनकी मानसिक रूप से बीमार बेटी को कैद रखने का आरोप है। सोमवार को सेवानिवृत्त कर्मी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजन ने नौकर दंपती पर पिता-पुत्री को कैद करने का आरोप लगाया है। त्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक भयानक घटना सामने आई है, यहां एक रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी और उसकी मानसिक रूप से कमजोर बेटी को उनके देखभाल करने वाले नौकर दंपती पर तीन साल से कैद करके रखने का आरोप है। आरोप है कि दोनों को भूखे रखा और टॉर्चर किया। रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी की सोमवार को संदिग्ध हालत में मौत हो गई। दरअसल, शहर के हिंद टायर वाली गली में रहने वाले एक सेवानिवृत्त कर्मचारी की सोमवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने सेवानिवृत्त कर्मी के घर में काम करने वाले नौकर दंपती पर पिता-पुत्री को कमरे में कैद रखने और इलाज न कराने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हिंद टायर गली में रेलवे से सेवानिवृत्त सीनियर क्लर्क ओमप्रकाश सिंह राठौर (70) का मकान है। उनकी पत्नी रेणुका की मौत वर्ष 2016 में हो चुकी है जबकि उनकी 27 वर्षीय बेटी रश्मि मानसिक रूप से विक्षिप्त है। सोमवार को ओमप्रकाश की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। 
सूचना पर मृतक के भाई अमर सिंह और अन्य परिजन जब मौके पर पहुंचे तो उन्हें ओमप्रकाश के शव के पास ही बेटी रश्मि बेहद दयनीय स्थिति में मिली। मृतक के भाई अमर सिंह का आरोप है कि ओमप्रकाश अपनी बेटी के साथ अलग मकान में रहते थे। 
पिता-पुत्री को नीचे के कमरे में कैद करने का आरोप
उन्होंने चरखारी निवासी दंपती को देखभाल के लिए रखा था। आरोप है कि नौकर दंपती ने मकान पर कब्जा करके पिता-पुत्री को नीचे के कमरे में कैद कर दिया था। तीन वर्ष से उन्हें किसी से मिलने भी नहीं दिया जाता था। जब भी परिजन उनसे मिलने आते, नौकर दंपती बहाने बनाकर उन्हें लौटा देते थे। 
क्यों नहीं की पुलिस से शिकायत?
नौकर दंपती पर भोजन न देने और सही इलाज कराने का भी आरोप लगाया। हालांकि, मामले में संदिग्धता इस बात से स्पष्ट हो रही है कि जब परिजनों को सेवानिवृत्त कर्मी से मिलने नहीं दिया गया तो उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से क्यों नहीं की। 
उधर, सीओ अरुण कुमार सिंह का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। ऐसा संभव नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों की जानकारी मिल सकेगी।

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