नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष का आज आठवां दिन है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। तेहरान से लेकर तेल अवीव तक मिसाइल हमलों का सिलसिला जारी है। इस बीच बहरीन की राजधानी मनामा और इजरायल के यरुशलम में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जबकि दुबई एयरपोर्ट के पास मिसाइल का मलबा गिरने से विमान सेवाएं प्रभावित हुईं। बढ़ते तनाव को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने भी गहरी चिंता जताई है।
दरअसल, 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ के तहत ईरान की राजधानी तेहरान पर बड़े हमले किए थे। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद ईरान ने इजरायल और कई खाड़ी देशों की ओर मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बन गए।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने चेतावनी दी है कि यदि हालात जल्द नहीं संभले तो यह संघर्ष किसी के भी नियंत्रण से बाहर जा सकता है, इसलिए तत्काल कूटनीतिक प्रयासों की जरूरत है।
तेहरान एयरपोर्ट पर धमाके, इजरायल का बड़ा हवाई हमला

ईरान की राजधानी तेहरान के मेहराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार तड़के जोरदार धमाकों से अफरातफरी मच गई। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार धमाकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास की इमारतों की खिड़कियां तक हिल गईं।
इससे पहले शुक्रवार को इजरायली वायुसेना के लगभग 50 फाइटर जेट ने तेहरान में बड़ा हवाई हमला किया। रिपोर्टों के अनुसार इस हमले का लक्ष्य ईरान के सर्वोच्च नेता के परिसर के नीचे बने भूमिगत बंकर थे।
अमेरिका ने तैनात किया तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर

मौजूदा हालात को देखते हुए अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है। रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिका यूएसएस जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश एयरक्राफ्ट कैरियर को क्षेत्र में तैनात कर रहा है, जो इस इलाके में अमेरिका का तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर होगा।
इजरायल का दावा- ईरान की 80% हवाई रक्षा नष्ट
अमेरिका और इजरायल का कहना है कि उनका अभियान ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर कर रहा है। इजरायली सेना के मुताबिक उन्होंने ईरान की करीब 80 प्रतिशत हवाई रक्षा प्रणालियों को नष्ट कर दिया है।
वहीं अमेरिका का दावा है कि युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में 90 प्रतिशत और ड्रोन हमलों में 83 प्रतिशत की कमी आई है। अमेरिकी केंद्रीय कमान के अनुसार पिछले 72 घंटों में ईरान में करीब 200 सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए हैं।
खाड़ी देशों में भी बढ़ा खतरा

ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष का असर खाड़ी देशों पर भी पड़ रहा है।
कुवैत ने मिसाइल और ड्रोन हमलों को अपनी एयर डिफेंस सिस्टम से रोकने का दावा किया है।
यूएई ने भी 120 से अधिक ड्रोन और कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने की बात कही है।
कतर की राजधानी दोहा में भी तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
बहरीन में एक तेल रिफाइनरी पर हमले के बाद आग लग गई, हालांकि बाद में उस पर काबू पा लिया गया।
इसके अलावा सुरक्षा स्थिति बिगड़ने के कारण करीब 20,000 अमेरिकी नागरिक मिडिल ईस्ट छोड़ चुके हैं, जबकि शेष लोगों को निकालने के लिए चार्टर उड़ानों की व्यवस्था की जा रही है।
बेरूत में हिजबुल्लाह ठिकानों पर बमबारी
इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में भी हिजबुल्लाह के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। इजरायली सेना के अनुसार इन हमलों में कमांड सेंटर, बहुमंजिला इमारतें और ड्रोन ठिकाने निशाना बनाए गए।
लगातार बढ़ते हमलों और जवाबी कार्रवाई के कारण पूरे पश्चिम एशिया में लंबे युद्ध की आशंका गहरा गई है।
