लखनऊ रेलवे स्टेशन ने पूरे किए 100 गौरवशाली वर्ष, भव्य समारोह के साथ मनाया 'स्टेशन महोत्सव'
उपशीर्षक: ऐतिहासिक चारबाग स्टेशन की शताब्दी पर विरासत, स्थापत्य कला और भारतीय रेल की गौरवशाली यात्रा का हुआ उत्सव
लखनऊ: उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल ने रविवार को ऐतिहासिक चारबाग रेलवे स्टेशन के 100 वर्ष पूर्ण होने पर 'स्टेशन महोत्सव' का भव्य आयोजन किया। इस मौके पर स्टेशन की समृद्ध विरासत, अनूठी स्थापत्य कला और राष्ट्र सेवा में इसके योगदान को यादगार अंदाज़ में सामने रखा गया।
देशभर में 103 विरासत स्टेशनों पर मनाया जा रहा उत्सव
रेलवे बोर्ड ने भारतीय रेल के चुनिंदा हेरिटेज स्टेशनों पर उनकी स्थापना तिथि के अनुसार 'Birthday Celebrations of Stations' मनाने का फैसला लिया है। इसके तहत विभिन्न रेलवे जोन और राज्यों में 103 विरासत स्टेशनों को चिन्हित किया गया है, जहां स्थानीय इतिहास, संस्कृति और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
DRM सुनील कुमार वर्मा की अध्यक्षता में हुआ आयोजन
समारोह की अध्यक्षता लखनऊ मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) सुनील कुमार वर्मा ने की। कार्यक्रम में 1926 से अब तक चारबाग स्टेशन की ऐतिहासिक यात्रा, स्थापत्य विरासत और भारतीय रेल में इसके महत्व को दर्शाती एक लघु फिल्म दिखाई गई।
कार्यक्रम की प्रमुख झलकियां
- कर्मचारी सम्मान: लखनऊ मंडल के समर्पित एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले रेल कर्मचारियों को पुरस्कृत किया गया
- जागरूकता नुक्कड़ नाटक: रेलवे स्काउट्स एवं गाइड्स ने नुक्कड़ नाटक के जरिए विरासत संरक्षण, स्वच्छता और यात्री सुरक्षा का संदेश दिया
- श्रद्धांजलि: DRM और वरिष्ठ अधिकारियों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की
- राष्ट्रगान: 'जन गण मन' की प्रस्तुति ने देशभक्ति की भावना को और मजबूत किया
- रैली: स्टेशन परिसर में जागरूकता रैली निकाली गई
- वृक्षारोपण: गांधी पार्क में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधे लगाए गए
- हीलियम गुब्बारा: शताब्दी समारोह के प्रतीक स्वरूप गांधी पार्क में हीलियम गुब्बारा स्थापित किया गया
प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर विरासत प्रदर्शनी
यात्रियों और आमजन को चारबाग स्टेशन की ऐतिहासिक विरासत से परिचित कराने के लिए प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर पुरानी तस्वीरों और विरासत उपकरणों की विशेष प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें स्टेशन के विभिन्न ऐतिहासिक पड़ावों और भारतीय रेल की गौरवशाली यात्रा को दर्शाया गया।
फसाड लाइटिंग से जगमगाया ऐतिहासिक स्टेशन
कार्यक्रम स्थल पर चारबाग स्टेशन के मुख्य पोर्टिको और अन्य प्रमुख हिस्सों को खूबसूरती से सजाया गया। स्टेशन की ऐतिहासिक इमारत पर विशेष फसाड लाइटिंग और फेयरी लाइट्स की गई, गांधी पार्क को सजाया गया और वहां रखे विंटेज स्टीम इंजन को भी रोशनी से सजाया गया, जिससे स्टेशन का भव्य स्वरूप और निखर उठा।
निष्कर्ष
लखनऊ रेलवे स्टेशन की 100 वर्षों की यह गौरवशाली यात्रा सिर्फ एक इमारत या स्टेशन की कहानी नहीं है, बल्कि यह लखनऊ की ऐतिहासिक पहचान और भारतीय रेल की समृद्ध विरासत का एक अभिन्न अध्याय है।
