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सीमावर्ती गांवों के बच्चों ने देखा नया भारत, राष्ट्रीय एकता दौरा संपन्न

कुमाऊं के सीमावर्ती गांवों के 20 छात्रों ने 15 दिवसीय राष्ट्रीय एकता दौरे में राष्ट्रपति से मुलाकात की, दिल्ली-देहरादून के ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया।
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Shivam Srivastava
  • Updated: August 31, 2026

सीमावर्ती गांवों के बच्चों ने देखा नया भारत, राष्ट्रीय एकता दौरा संपन्न

उपशीर्षक: 15 दिवसीय दौरे में 20 छात्र और दो शिक्षकों ने जाना देश का इतिहास, सैन्य परंपरा और तकनीकी प्रगति

लखनऊ: भारतीय सेना की 'सद्भावना' पहल के तहत कुमाऊं क्षेत्र के सीमावर्ती गांवों के बच्चों के लिए आयोजित पहला 'राष्ट्रीय एकता दौरा' (National Integration Tour) सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। 15 से 28 अगस्त 2026 तक चले इस दौरे में कुमाऊं के दूर-दराज सीमावर्ती क्षेत्रों से 20 छात्र और दो शिक्षक शामिल हुए। इस दौरान विद्यार्थियों को देश की सांस्कृतिक विरासत, लोकतांत्रिक संस्थाओं, सैन्य परंपराओं और तकनीकी प्रगति को करीब से जानने-समझने का अवसर मिला।

पिथौरागढ़ से हुई दौरे की शुरुआत

दल को पिथौरागढ़ से पंचशूल ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर गौतम पठानिया ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने विद्यार्थियों को इस अनूठे शैक्षिक एवं अनुभवात्मक अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

राष्ट्रपति से मुलाकात रही दौरे का सबसे यादगार पल

दौरे का सबसे महत्वपूर्ण अवसर 17 अगस्त को भारत के राष्ट्रपति से विद्यार्थियों की मुलाकात और संवाद रहा। गांवों से पहली बार बाहर निकले कई विद्यार्थियों के लिए यह अनुभव बेहद यादगार रहा। इसके बाद दल ने राष्ट्रपति भवन, इंडिया गेट, कर्तव्य पथ, लाल किला सहित विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों और संग्रहालयों का भ्रमण किया।

विद्यार्थियों ने नेहरू तारामंडल का भी दौरा किया तथा नेशनल वॉर मेमोरियल में देश के वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इन यात्राओं के माध्यम से उन्हें भारत के इतिहास, संस्कृति, विरासत और सशस्त्र बलों के बलिदान को समझने का अवसर मिला।

देहरादून में राज्यपाल से भेंट, सैन्य संस्थानों का भ्रमण

देहरादून में विद्यार्थियों ने 24 अगस्त को उत्तराखंड के राज्यपाल से मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA), राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (RIMC) और फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट का भ्रमण किया। यहां उन्हें शिक्षा, नेतृत्व, अनुशासन और भारतीय सशस्त्र बलों की कार्यसंस्कृति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।

बरेली और लखनऊ में सैन्य अधिकारियों से संवाद

इसके बाद दल बरेली पहुंचा, जहां 25 अगस्त को हेडक्वार्टर उत्तर भारत एरिया के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल डीजी मिश्रा, AVSM से मुलाकात कर विद्यार्थियों ने दौरे के अपने अनुभव और सीख साझा की। इसके बाद दल लखनऊ पहुंचा, जहां 27 अगस्त को हेडक्वार्टर सूर्या कमांड में उनका स्वागत किया गया। लखनऊ भ्रमण के बाद दल मुनस्यारी के लिए रवाना हुआ और इसी के साथ राष्ट्रीय एकता दौरे का समापन हुआ।

निष्कर्ष

सेना के अनुसार, कई प्रतिभागियों के लिए यह उनके गांवों से बाहर की पहली यात्रा थी। दौरे ने विद्यार्थियों के दृष्टिकोण को व्यापक बनाने के साथ उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया तथा उनमें देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत किया। 'सद्भावना' के माध्यम से दूर-दराज के सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं के सर्वांगीण विकास के प्रति भारतीय सेना की प्रतिबद्धता इस पहल से एक बार फिर सामने आई।

 

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