Search News

लखनऊ व्यापार मंडल ने जियो टैगिंग व्यवस्था का किया विरोध, कृषि उत्पादन मण्डी परिषद को सौंपा ज्ञापन

लखनऊ व्यापार मंडल ने अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र के नेतृत्व में कृषि उत्पादन मण्डी परिषद को ज्ञापन सौंपकर जियो टैगिंग व्यवस्था को अव्यावहारिक बताते हुए इसे तत्काल स्थगित या निरस्त करने की मांग की। #Lucknow #VyaparMandal #AmarnathMishra #GeoTagging #BusinessNews #UPNews #MandiParishad #GST #Trade #LucknowNews
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Shivam Srivastava
  • Updated: July 8, 2026

लखनऊ। लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र के नेतृत्व में बुधवार को व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कृषि उत्पादन मण्डी परिषद के निदेशक को जियो टैगिंग व्यवस्था से उत्पन्न व्यावहारिक एवं प्रशासनिक समस्याओं को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में इस व्यवस्था को व्यापारियों के लिए अव्यावहारिक, जटिल और उत्पीड़नकारी बताते हुए इसे तत्काल प्रभाव से स्थगित अथवा निरस्त करने की मांग की गई।

व्यापार मंडल ने ज्ञापन में कहा कि प्रदेश के बाहर से आने वाले कृषि उत्पादों पर पहले से ही प्री-अराइवल स्लिप की अनिवार्य व्यवस्था लागू है, जिसके माध्यम से व्यापारी स्वयं कर देयता स्वीकार करता है और संबंधित जानकारी विभाग के पास उपलब्ध रहती है। ऐसे में उसी माल पर अतिरिक्त जियो टैगिंग लागू करना व्यापारियों पर अनावश्यक बोझ डालने जैसा है।

ज्ञापन में बताया गया कि अधिकांश कृषि उपज छोटी-छोटी खेपों या पार्ट लोड के रूप में विभिन्न वाहनों से गंतव्य तक पहुंचती है। परिवहन के दौरान कई बार वाहन बदलने की स्थिति बनती है, जिससे प्रत्येक बार जियो टैगिंग और उसमें संशोधन करना व्यवहारिक रूप से संभव नहीं होता। वहीं एक ही वाहन में अलग-अलग जिंसों के कई गेट पास होने से प्रत्येक गेट पास पर अलग-अलग जियो टैगिंग करना भी अत्यंत जटिल प्रक्रिया है।

व्यापार मंडल ने यह भी कहा कि अधिकांश वाहन चालक तकनीकी रूप से प्रशिक्षित नहीं हैं और उनके पास आवश्यक संसाधनों का अभाव रहता है। दुर्घटना, वाहन खराब होने या ट्रांसपोर्ट के माध्यम से माल के पुनः स्थानांतरण जैसी परिस्थितियों में जियो टैगिंग का पालन करना बेहद कठिन हो जाता है। इसके अलावा नो-एंट्री व्यवस्था के कारण देर रात या सुबह होने वाली लोडिंग-अनलोडिंग के दौरान भी इस प्रक्रिया को पूरा करना व्यावहारिक नहीं है।

व्यापार मंडल अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने कहा कि जहां जीएसटी प्रणाली में आवश्यक दस्तावेज सरल और कम समय में जारी किए जा सकते हैं, वहीं मण्डी परिषद की मौजूदा प्रक्रिया पहले से ही अपेक्षाकृत जटिल है। ऐसे में जियो टैगिंग की अतिरिक्त अनिवार्यता व्यापार संचालन को और अधिक कठिन बना रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश मुख्यतः उपभोक्ता प्रदेश है और प्रदेश के बाहर से आने वाले माल पर प्रथम चरण में ही मण्डी शुल्क जमा हो जाता है। एकसूत्रीय मण्डी शुल्क व्यवस्था लागू होने के बावजूद उसी माल के वितरण और परिवहन पर पुनः जियो टैगिंग लागू करने का कोई औचित्य नहीं है।

लखनऊ व्यापार मंडल ने मण्डी परिषद के निदेशक से व्यापारियों की व्यावहारिक कठिनाइयों और व्यावसायिक हितों को ध्यान में रखते हुए वर्तमान जियो टैगिंग व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से स्थगित अथवा निरस्त करने की मांग की, ताकि व्यापार सुचारु रूप से संचालित हो सके और व्यापारियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

इस अवसर पर राजेंद्र कुमार अग्रवाल, प्रशांत गर्ग, राजेंद्र अग्रवाल, रामशंकर अवस्थी और मोनू अग्रवाल सहित व्यापार मंडल के कई पदाधिकारी एवं व्यापारी उपस्थित रहे।

Breaking News:

Recent News: