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लखनऊ: अस्थायी परिवार नियोजन साधनों की बढ़ी मांग, IUCD और अंतरा सेवाओं का बढ़ा दायरा

लखनऊ में आधुनिक अस्थायी परिवार नियोजन साधनों के प्रति लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार IUCD, PPIUCD और अंतरा इंजेक्शन अपनाने वाले दंपतियों की संख्या में पिछले तीन वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Shivam Srivastava
  • Updated: July 10, 2026

लखनऊ में अस्थायी परिवार नियोजन साधनों की बढ़ी स्वीकार्यता, आधुनिक सेवाओं का बढ़ रहा दायरा

लखनऊ। जनपद में अस्थायी परिवार नियोजन साधनों के प्रति दंपतियों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के पिछले तीन वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि इंटरवल IUCD, प्रसवोत्तर IUCD (PPIUCD) तथा अंतरा इंजेक्शन जैसी आधुनिक परिवार नियोजन सेवाओं को बड़ी संख्या में महिलाओं और दंपतियों ने अपनाया है। इन सेवाओं के माध्यम से परिवार अपनी आवश्यकता और पसंद के अनुसार गर्भधारण के बीच उचित अंतर बनाए रखने के लिए सुरक्षित एवं प्रभावी विकल्प चुन रहे हैं।

विश्व जनसंख्या दिवस की थीम पर विशेष जोर

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.बी. सिंह ने बताया कि प्रतिवर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम है—

"Healthy Timing and Spacing Between Pregnancies for Well-being of Mother & Child and to Prevent Unintended Pregnancies"

जबकि इसका संदेश है—

"जब बच्चों में हो सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल।"

उन्होंने बताया कि मां और शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिए दो गर्भधारण के बीच कम से कम तीन वर्ष का अंतर रखना आवश्यक है। इससे एनीमिया, समयपूर्व प्रसव, कम वजन वाले शिशु के जन्म तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु के जोखिम को कम करने में सहायता मिलती है। साथ ही यह अनियोजित गर्भधारण की रोकथाम, बच्चों के बेहतर पोषण और परिवार की प्रभावी योजना बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

'बास्केट ऑफ चॉइस' के तहत मिल रही निःशुल्क सेवाएं

डॉ. सिंह ने बताया कि परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत 'बास्केट ऑफ चॉइस' की अवधारणा के अनुसार पात्र दंपतियों को इंटरवल IUCD, PPIUCD, अंतरा इंजेक्शन सहित विभिन्न अस्थायी एवं स्थायी गर्भनिरोधक विकल्पों की जानकारी, परामर्श और निःशुल्क सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव कराने वाली प्रत्येक महिला को अस्पताल से छुट्टी देने से पहले परिवार नियोजन संबंधी परामर्श दिया जाता है। इसके अलावा आशा, एएनएम एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी समुदाय स्तर पर भी लोगों को जागरूक कर रहे हैं।

तीन वर्षों में लगातार बढ़े आंकड़े

जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी योगेश रघुवंशी ने बताया कि आधुनिक परिवार नियोजन सेवाओं की स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है।

इंटरवल IUCD

  • वर्ष 2023-24 : 12,547
  • वर्ष 2024-25 : 15,036
  • वर्ष 2025-26 : 19,159
  • वर्ष 2026-27 (पहली तिमाही) : 5,023

अंतरा इंजेक्शन

  • वर्ष 2023-24 : 10,197
  • वर्ष 2024-25 : 12,429
  • वर्ष 2025-26 : 13,805
  • वर्ष 2026-27 (पहली तिमाही) : 3,019

प्रसवोत्तर IUCD (PPIUCD)

  • वर्ष 2023-24 : 16,198
  • वर्ष 2024-25 : 18,461
  • वर्ष 2025-26 : 17,458
  • वर्ष 2026-27 (पहली तिमाही) : 4,165

स्वस्थ परिवार की दिशा में बढ़ते कदम

योगेश रघुवंशी ने कहा कि ये आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि जनपद में आधुनिक अस्थायी परिवार नियोजन साधनों के प्रति लोगों का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य प्रत्येक पात्र दंपति तक गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और सुलभ परिवार नियोजन सेवाएं, समय पर परामर्श और स्वैच्छिक विकल्प उपलब्ध कराना है, ताकि स्वस्थ मां, स्वस्थ शिशु और स्वस्थ परिवार के लक्ष्य को प्रभावी रूप से प्राप्त किया जा सके।

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