कैनविज टाइम्स, डिजिटल डेस्क ।
देव दीपावली पर्व पर बुधवार को धर्म नगरी काशी में उत्तरवाहिनी मां गंगा का तट गंगा संरक्षण के गगनभेदी उद्घोष से गूंज उठा।सनातन वैभव को दैदीप्यमान कर संपूर्ण विश्व को आलोकित करने वाले कार्तिक पूर्णिमा के पावन पर्व पर नमामि गंगे के पदाधिकारियों
ने प्राचीन दशाश्वमेध घाट पर हजारों श्रद्धालुओं को गंगा स्वच्छता के प्रति जागरुक किया। नमामि गंगे के स्वयंसेवी सदस्यों ने इस दौरान गंगा में उतरती आस्था की सीढ़ियों पर बिखरी गंदगी, निष्प्रयोज्य सामग्रियों को बटोर कर कूड़ेदान तक पहुंचाया। मां गंगा में गंदगी न करने एवं गहरे जल में स्नान न करने का ध्वनि विस्तारक यंत्र से निवेदन किया गया। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला ने बताया कि देव दीपावली का पर्व जल संरक्षण की महत्ता को बतलाता है। मां गंगा भारतवर्ष के लिए जीवन प्रदायिनी है। रोजाना करोड़ों लोगों की आजीविका गंगा पर आश्रित है। पूरे उत्तर भारत का पर्यटन गंगा पर केंद्रित है। गंगा की वजह से ही हम सात समुंदर पार तक को आकर्षित करने वाले देव दीपावली का आयोजन कर पाते हैं। भारत वासियों को गंगा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए स्वच्छता बनाए रखना बहुत जरूरी है। आयोजन के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा तट की स्वच्छता का संकल्प लिया।
