साइबर ठगों ने फोटो क्लेम स्कैम के जरिए जालसाजी का नया तरीका शुरू किया है।
फोटो डाउनलोड करते ही आपका फोन हैक हो जाएगा। इसके साथ ही ठग आपका खाता खाली कर देंगे। साइबर ठगों ने जालसाजी का नया तरीका शुरू किया है। इसका नाम है 'फोटो क्लेम स्कैम'। इसके तहत ठग सोशल मीडिया पर लोगों से संपर्क करते हैं। इसके बाद उन्हें एक फोटो भेजकर उसकी पहचान करने के लिए कहते हैं। लोग जैसे ही फोटो पर क्लिक करते हैं। अनजाने में एक एपीके (एंड्रॉयड पैकेज किट) फाइल भी डाउनलोड हो जाती है। इसके बाद फोन हैक हो जाता है। साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, एपीके फाइल पीड़ित के फोन में कई अनुमतियां हासिल कर लेती है। इसमें यूपीआई और बैंक एप्लीकेशन जैसी महत्वपूर्ण एप्लीकेशन भी शामिल हैं। इन अनुमतियों के माध्यम से ठग पीड़ित के बैंक खाते खाली कर देते हैं। लेन-देन के एसएमएस की सूचनाएं भी पीड़ित को नहीं मिलती हैं। डरने के बजाय पुलिस से शिकायत करें
साइबर ठग सोशल मीडिया के जरिये खासकर छात्राओं से दोस्ती करते हैं। इसके बाद उनकी फोटो हासिल कर उससे छेड़छाड़ कर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करते हैं। बदनामी के डर से छात्राएं ठगों को रकम भेज देती हैं। ऐसी परिस्थिति में छात्राओं को डरने के बजाय पुलिस से शिकायत करनी चाहिए।
साइबर ठगों के खिलाफ अभियान चला रहा है। अगर आपके साथ कभी कोई ठगी हुई है तो आप अपनी कहानी हमसे साझा कर सकते हैं। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी। आप हमें 7617566164 पर संपर्क कर सकते हैं।
बचाव के लिए इन बातों का रखें ख्याल
- अनजान लोगों से सोशल मीडिया पर दोस्ती न करें।
- किसी को भी अपनी निजी फोटो या वीडियो न भेजें।
- किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
- अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट को टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अवश्य करें।
- अनजान लोगों की ओर से भेजे गए एपीके फाइल पर क्लिक न करें।
- फोन पर या ऑनलाइन किसी भी व्यक्ति को अपने बैंक खातों, ओटीपी, पासवर्ड की जानकारी न दें।
आपकी सतर्कता ही सुरक्षा है
साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्कता ही बचाव है। नई तकनीकों के साथ-साथ ठगी के तरीके भी बदल रहे हैं। ऐसे में आपको नवीनतम खतरों के बारे में जागरूक रहना चाहिए। ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सभी कदम उठाएं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की सलाह का पालन करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट दर्ज कराएं।
