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सीवर खुदाई ने उजाड़ा नहर रोड का कारोबार, 10 दिन से सैकड़ों दुकानों पर सन्नाटा

व्यापारियों में रोष, व्यापार मंडल
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Dhirendra Mishra
  • Updated: July 8, 2026

• 48 घंटे में नहीं बनी वैकल्पिक व्यवस्था तो जल निगम व PWD के खिलाफ होगा निर्णायक आंदोलन : भारतीय जन उद्योग व्यापार मंडल

लखनऊ, कैनविज टाइम्स संवाददाता। जानकीपुरम की नहर रोड पर जल निगम द्वारा कराए जा रहे मुख्य सीवर लाइन निर्माण कार्य ने सैकड़ों व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा कर दिया है। बिना किसी वैकल्पिक आवागमन व्यवस्था के पूरी सड़क बंद कर दिए जाने से पिछले लगभग दस दिनों से बाजार का कारोबार बुरी तरह प्रभावित है। दुकानों पर ग्राहक नहीं पहुंच रहे हैं और व्यापारियों को प्रतिदिन लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। व्यापारियों का आरोप है कि संबंधित विभागों की लापरवाही ने पूरे बाजार को आर्थिक संकट में धकेल दिया है। व्यापारियों का कहना है कि विकास कार्यों का स्वागत है, लेकिन यदि विकास की कीमत व्यापारियों की आजीविका होगी तो इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रशासन की असंवेदनशील कार्यशैली ने न केवल व्यापारियों बल्कि स्थानीय नागरिकों को भी भारी परेशानी में डाल दिया है। बढ़ते आक्रोश को देखते हुए जल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर श्री विमल तिवारी को मौके पर बुलाकर व्यापारियों ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्हें स्पष्ट शब्दों में कहा गया कि 48 घंटे के भीतर वैकल्पिक मार्ग, सुरक्षित आवागमन और व्यापारियों को राहत देने के ठोस इंतजाम किए जाएं, अन्यथा भारतीय जन उद्योग व्यापार मंडल आर-पार की लड़ाई लड़ने को मजबूर होगा। व्यापार मंडल ने कहा कि सरकारी विभागों की लापरवाही का खामियाजा व्यापारी क्यों भुगतें? यदि योजना बनाकर कार्य किया जाता तो न व्यापार चौपट होता और न ही जनता को इतनी परेशानी झेलनी पड़ती। विकास कार्यों की आड़ में व्यापारियों की आर्थिक रीढ़ तोड़ने का प्रयास किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भारतीय जन उद्योग व्यापार मंडल ने प्रशासन को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 48 घंटे के भीतर स्थिति सामान्य नहीं हुई तो जल निगम एवं लोक निर्माण विभाग (PWD) के खिलाफ विशाल धरना-प्रदर्शन, सड़क पर जनआंदोलन, घेराव और चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके चलते उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागों और प्रशासन की होगी।

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