लखनऊ, कैनविज टाइम्स संवाददाता। एनजीएस डेटा विश्लेषण पर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन 21 से 23 जुलाई के दौरान किया गया, जिसका उद्देश्य शोधकर्ताओं की क्षमता निर्माण करना था ताकि वे सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध नवीनतम सॉफ्टवेयर के साथ भविष्य की अनुसंधान कम्प्यूटेशनल चुनौतियों का सामना कर सकें। इसका उद्घाटन संस्थान के निदेशक डॉ. काजल चक्रवर्ती ने सोमवार को किया। कार्यशाला का उद्देश्य मानव संसाधन-शोधकर्ताओं को नवीनतम कम्प्यूटेशनल क्षमताओं के साथ जलवायु जोखिम चुनौतियों का सामना करने के लिए सशक्त बनाना था जो मात्स्यिकी क्षेत्र में बदलते परिदृश्य में प्रभावी होगा। कार्यशाला में 21 प्रतिभागी शामिल थे, जिनमें वैज्ञानिक, तकनीकी अधिकारी और परियोजना शोधकर्ता शामिल थे, जिन्हें इससे लाभ मिलेगा और वे संस्थान की अनुसंधान उपलब्धियों में प्रभावी योगदान देंगे। प्रशिक्षु प्रतिभागियों ने अपने फीडबैक में कहा कि इस कार्यशाला ने उन्हें मत्स्य क्षेत्र से संबंधित अनुसंधान समस्याओं को हल करने में सशक्त बनाया है, जैसे कि आर-कंप्यूटिंग वातावरण और अन्य एनजीएस संबंधित एनोटेशन सॉफ्टवेयर जो सार्वजनिक डोमेन में नि:शुल्क उपलब्ध हैं और जिनका उपयोग कोई भी शोधकर्ता किसी भी स्थानीय या वैश्विक समस्या को हल करने के लिए कर सकता है। आर-सॉफ्टवेयर वातावरण में 20,000 से अधिक सॉफ्टवेयर हैं जिनका उपयोग दुनिया भर में कोई भी शोधकर्ता कर सकता है। प्रशिक्षण का आयोजन संस्थान के वैज्ञानिक संसाधन व्यक्तियों द्वारा किया गया था, जिनमें डॉ. राजीव सिंह, डॉ. रवींद्र कुमार, डॉ. अचल सिंह. डॉ.महेंद्र सिंह, , डॉ. मुरली एस., डॉ. अनुतोष पारिया, डॉ. एलएम चौधरी, डॉ. तन्वी दासमंडल शामिल थे। प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित करते हुए संस्थान के निदेशक डॉ. चक्रवर्ती ने आशा व्यक्त किया कि इस कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान और कौशल से प्रतिभागी मत्स्य क्षेत्र में नए अनुसंधान और विकास के अवसरों का सृजन करने में सक्षम होंगे।

