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क्यों सड़कों से हट नहीं रहे BPSC अभ्यर्थी, क्या हैं उनकी डिमांड्स... पटना में जारी आंदोलन की शुरू से अब तक पूरी कहानी

पटना
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Kanwhizz Times
  • Updated: December 30, 2024

कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क। पटना में बीपीएससी (Bihar Public Service Commission) अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। पिछले कई दिनों से अभ्यर्थी सड़कों पर हैं, और अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन ने राज्य सरकार और बीपीएससी के खिलाफ जमकर नाराजगी को जन्म दिया है। आइए जानते हैं इस आंदोलन की पूरी कहानी और अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें क्या हैं।

आंदोलन की शुरुआत:

बीपीएससी 67वीं मुख्य परीक्षा के अभ्यर्थियों ने यह आंदोलन शुरू किया, जब उनकी परीक्षा में कथित अनियमितताएँ और प्रशासनिक लापरवाही सामने आई। उनका कहना है कि परीक्षा के दौरान कई प्रकार की समस्याएँ थीं, जिनकी वजह से उनके लिए न्यायपूर्ण तरीके से परीक्षा देना संभव नहीं हो सका। इसके बाद, परीक्षा परिणामों में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया गया, जिससे अभ्यर्थियों में गहरा असंतोष पैदा हुआ।

मुख्य डिमांड्स:

प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम पुनः जांचें: अभ्यर्थियों का मुख्य आरोप है कि प्रारंभिक परीक्षा में गड़बड़ी हुई है, और परिणामों में कई तरह की अनियमितताएँ हैं। उनका कहना है कि सही तरीके से मूल्यांकन नहीं किया गया है और इसलिए परिणामों की पुन: जांच की जानी चाहिए।

मुख्य परीक्षा के लिए नए दिशा-निर्देश: अभ्यर्थी यह भी चाहते हैं कि बीपीएससी द्वारा मुख्य परीक्षा में दिए गए दिशा-निर्देशों में सुधार किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो।

वेतन और नियुक्ति प्रक्रिया में सुधार: अभ्यर्थी यह भी चाहते हैं कि उनकी नियुक्ति प्रक्रिया में और वेतन निर्धारण में पारदर्शिता हो और कोई भेदभाव न हो।

आंदोलन का वर्तमान स्थिति:

पटना में यह आंदोलन कई दिनों से जारी है और अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार और बीपीएससी के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन किया है। सैकड़ों अभ्यर्थी गुस्से में हैं और उन्होंने सड़क पर बैठकर सरकार से अपनी मांगों को पूरा करने की अपील की है। आंदोलन के दौरान कई बार पुलिस से भी झड़पें हुई हैं और स्थिति तनावपूर्ण रही है। हालांकि, राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ी है और कुछ अधिकारियों ने अभ्यर्थियों से बातचीत करने का प्रयास किया है। यह आंदोलन बीपीएससी अभ्यर्थियों के लिए सिर्फ एक परीक्षा का मामला नहीं है, बल्कि यह उनके अधिकारों और निष्पक्षता की लड़ाई बन गया है। अब देखना यह होगा कि राज्य सरकार और बीपीएससी इस आंदोलन का समाधान कैसे निकालते हैं और क्या अभ्यर्थियों की मांगें पूरी होती हैं।

 

 

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