कैनवीज टाइम्स/डिजिटल डेस्क/लखनऊ। जिले का मोतीगंज थाना दलालों का अड्डा बनता जा रहा है जहां दलाल किस्म के लोग अक्सर बैठे मिलेंगे, जिन्हें इंतजार रहता है कि कब कोई दुखिया आये जिसे ये हाई जैक करके बलि का बकरा बना सकें और अपनी व कानून के कुछ भ्रष्ट नुमाईंदों की जेब भर सकें।यही वजह है कि यहां संगीन मामलों में भी मैनेज के खेल पर लीपा पोती होता है,जिसके चलते पीड़ितों को भारी दुश्वारियों से गुजर कर आला अधिकारियों का चक्कर काटना पड़ता है।जहां जांच की आंच मे न्याय की आवाज दब जाती है, और पीड़ित से गुस्साए थाने की पुलिस वही करती है जो वह करना चाहती है।सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जारी कानून व्यवस्था को चुस्त दुस्त रखने का निर्देश गोण्डा जिले के मोतीगंज थाने में हवा हवाई साबित हो रही है,आला अधिकारियों की निष्क्रियता के चलते यहां नियम कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही है जिसके चलते पीड़ि तों को न्याय नही मिल पा रहा है,परिणाम स्वरूप थानों से उठ रहे मैनेज की सैलाब में फंसकर पीड़ित दर दर की ठो करें खाकर सिसकियां भर रहे हैं।जिनका कोई पुरसा हाल नही है।सूत्रों के मुताबिक मोतीगंज थाने में पीड़ित से पहलें तथाकथित दलाल सुबह ही थाने में बैठे नजर आते हैं। फिर साहब से सेटिंग गेटिंग लकड़ी माफिया खनन माफि या और दलाल इसमें से कुछ लोग ऐसे भी है जो संचालित निजी सोसल ऐप में सूचना को प्रसारित करने का काम करते है।
सूत्र बता रहे है कि ये दलाल अपने आप को एक बड़े बैनर का पत्रकार घोषित करते हुए पत्रकारिता के नाम पर अवैध वसूली कर पत्रकार जगत को बदनाम कर रहें है, बताते चलें कि चर्चा यह भी है कि थाने के सामने स्थित चाय की दुकान पर भी दलालों के डेरा रहता है जहां से इन्हें सारा लोकेशन मिलता है सुबह सात बजे के करीब यहाँ दलालों की टोली पहुंच जाती है जहां कुछ साहब के कार्य खास पुलिस वाले इनका वेलकम करके चाय नाश्ता करवाते हैं सूत्रों के मुताबिक इसके बाद शुरू होता है पीड़ितों को बलि का बकरा बनाने का खेल बस कोई इन्हें नजर आ जाये तो फिर इनकी चांदी हो जाती है।हैरानी की बात तो यह है कि यहां के जिम्मेदार इनसे यह भी नही पूछते की सुबह ही थाने पर किस लिए रोज पहुंच जाते हैं
