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गौवंश पेयजल एवं दुर्गा मूर्ति विसर्जन प्रयोग हेतु तालाबों की नीलामी पर रोक लगाएं सरकार तालाबों को मत्स्य पालन होने पर पट्टा धारक की निजी संपत्ति हो जाने पर होता है बिवाद का कारण  प्रयागराज जमुनापार प्रधान संघ ने सरकार को इस विषय पर गंभीरता से विचार करने की अपील करते हुए कहा

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  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Santosh Yadav
  • Updated: December 30, 2024

 



गांवों में गौवंश को पेयजल की व दुर्गा मूर्ति विसर्जन‌ एवं किसानों की फसल सिंचाई में होगी असुविधा 


करछना प्रयागराज विकास खंड करछना के ग्राम पंचायतों में स्थित तालाबों की मत्स्य पालन हेतु नीलामी करते समय राजस्व विभाग एवं संक्षम अधिकारियों को आशय से रूबरू हुए बिना नीलामी प्रक्रिया न की जाये जहां पर छोटे छोटे तालाब गांवों में स्थित है उन तालाबों को मत्स्य पालन हेतु नीलामी करने से विवाद उत्पन्न होने की आशंका बनी रहती है कारण समस्या गंभीर रूप धारण कर सकती हैं जिन गांवों में तालाबों की स्थिति छोटी है वहां गौवंशो को पेयजल की असुविधा न हो और साथ ही दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान मूर्तियां विसर्जित की जाती है उन तालाबों को चिन्हित कर नीलामी प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगा दिया जाय अन्यथा गांवों में विवाद उत्पन्न होने पर पूर्ण रूप से प्रशासन की जिम्मेदारी होगी उक्त बातें विकास खंड करछना के ग्राम पंचायत हरंई के प्रधान विजय शंकर तिवारी ने सम्पूर्ण समाधान दिवस पर उपजिलाधिकारी करछना को शिकायती पत्र देकर नीलामी प्रक्रिया पर रोक लगाएं जाने की अपील करते हुए मांग की है उन्होंने शिकायती पत्र आरोप लगाते हुए एसडीएम करछना तपन कुमार से मांग की है कि गांव हरंई में तालाब तालाब संख्या 245 ख‌ एवं 31फ  है जो की 30.दिसंबर को नीलामी की प्रक्रिया में शामिल किए गए हैं उक्त दोनों तालाबों का रकबा गांव के पड़ोसी दबंग किस्म के भूमि धरो   द्वारा अपने रकबे में मिल लिया गया है जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण तालाबों के क्रमशः नंबर फ एवं ख से ही प्रतीत होता है उक्त तालाबों से ही गांव के जानवरों के पानी पीने किसानों के खेतों की सिंचाई का कार्य किया जाता है तथा उक्त तालाबों में  मूर्ति दुर्गा का विसर्जित प्रतिमा  किया जाता है पट्टा हो जाने पर तालाब पर व्यक्तिगत अधिकार पट्टाधारकों का हो जाने से कार्य में बाधा आएगी इस कारण उक्त दोनों तालाबों की नीलामी प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से रोका जाए तथा नीलामी प्रक्रिया के साथ उसका सही ढंग से रकबा सीमांकन बढ़ाकर नीलामी प्रक्रिया की जाए जिससे गांव की छति को रोका जा सके, सरकार गांवों में छोटे आकार वाले तालाब को पशुओं के जीविकोपार्जन में सहयोग की जरूरत है 
 


 

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