कैनवीज टीमेवस,डिजिटल डेस्क । झारखंड राज्य सरकार ने महाकुंभ में जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए गाइडलाइंस जारी की हैं, जिन्हें हर श्रद्धालु को पालन करना होगा। इन गाइडलाइंस का उद्देश्य महाकुंभ के आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना है।
कोविड-19 के नियमों का पालन: महाकुंभ में जाने वाले श्रद्धालुओं को कोविड-19 के सभी प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। इसमें मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना और हाथों को बार-बार धोना शामिल है।
यात्रा की योजना बनाएं: श्रद्धालुओं को महाकुंभ में जाने से पहले अपनी यात्रा की पूरी योजना बनानी होगी। यात्रा से पहले सभी आवश्यक दस्तावेज़ और अनुमतियां तैयार रखें।
विशेष यात्रा पास: श्रद्धालुओं को महाकुंभ क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए विशेष यात्रा पास प्राप्त करना होगा। ये पास अधिकारियों से प्राप्त किए जा सकते हैं, और बिना पास के प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
सुरक्षा इंतजाम: महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों द्वारा विशेष इंतजाम किए जाएंगे। श्रद्धालुओं को किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सामान के बारे में पुलिस को सूचित करने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य जांच: यात्रा से पहले श्रद्धालुओं का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जाएगा। यदि किसी श्रद्धालु में कोविड-19 के लक्षण पाए जाते हैं, तो उन्हें यात्रा करने से रोक दिया जाएगा।
रात में यात्रा से बचें: सरकार ने श्रद्धालुओं को रात के समय यात्रा करने से बचने की सलाह दी है, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना या असुविधा न हो।
इन गाइडलाइंस का पालन करने से महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुखद रहेगी।
हिंदू धर्म में कुंभ मेला एक धार्मिक तीर्थयात्रा है जो 12 वर्षों के दौरान चार बार मनाई जाती है। कुंभ मेले का भौगोलिक स्थान भारत में चार स्थानों पर फैला हुआ है।
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम पर
- हरिद्वार, उत्तराखंड में, गंगा के तट पर
- मध्य प्रदेश के उज्जैन में शिप्रा नदी के तट पर
- नासिक, महाराष्ट्र में गोदावरी के तट पर
शाही स्नान की तिथियां कुछ इस प्रकार हैं
- 14 जनवरी 2025 - मकर संक्रांति
- 29 जनवरी 2025 - मौनी अमावस्या
- 3 फरवरी 2025 - बसंत पंचमी
- 12 फरवरी 2025 - माघी पूर्णिमा
- 26 फरवरी 2025 - महाशिवरात्रि
