कैनवीज़ टाइम्स , डिजिटल डेस्क ।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देश पर 7 मई 2025 को देशभर के 244 चिन्हित जिलों में एक व्यापक सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। यह अभ्यास युद्ध जैसी आपात स्थितियों के दौरान नागरिकों की तत्परता, जागरूकता और आपदा प्रबंधन क्षमताओं का परीक्षण करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।इस मॉक ड्रिल में हवाई हमले के सायरन, बिजली कटौती (ब्लैकआउट), नागरिकों द्वारा सुरक्षित स्थानों पर जाने (इवैकुएशन), और आपातकालीन सेवाओं की त्वरित प्रतिक्रिया जैसे अभ्यास शामिल होंगे। कई स्थानों पर छलावरण और नागरिक प्रशिक्षण से जुड़े दृश्य भी पेश किए जाएंगे, ताकि लोगों को वास्तविक परिस्थितियों का अनुभव कराया जा सके।
यह अभ्यास हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के मद्देनज़र और अधिक प्रासंगिक हो गया है। केंद्र सरकार का मानना है कि मौजूदा वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के बीच आम जनता को भी सजग और प्रशिक्षित रहना जरूरी है। गृह मंत्रालय ने इस अभ्यास को सभी चिन्हित जिलों में अनिवार्य कर दिया है और राज्य सरकारों से इसके बाद विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
ड्रिल के दौरान यह भी देखा जाएगा कि स्थानीय प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य सेवाएं और फायर ब्रिगेड जैसी एजेंसियां किस हद तक तालमेल के साथ काम करती हैं। यह अभ्यास न केवल शहरों में बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी किया जाएगा, ताकि संपूर्ण नागरिक संरचना को कवर किया जा सके।
ड्रिल के मुख्य उद्देश्य:
आपात स्थिति में सामूहिक प्रतिक्रिया समय को आंकना
आम नागरिकों को घबराहट से बचाकर सुरक्षित निर्णय लेने की दिशा में प्रशिक्षित करना
अफवाहों और अफरा-तफरी से बचाव
जानमाल की सुरक्षा सुनिश्चित करना
गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस तरह के अभ्यास नियमित अंतराल पर किए जाएंगे ताकि हर स्तर पर सुरक्षा और प्रतिक्रिया प्रणाली मजबूत की जा सके। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे घबराएं नहीं और निर्देशों का पालन करें।
