कैनवीज टाइम्स,डिजिटल डेस्क। राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन, उत्तर प्रदेश के केंद्रीय अध्यक्ष इं0 गोपाल वल्लभ पटेल ने पत्रकारों से कहा कि संगठन आगामी 14 दिसंबर से 18 दिसंबर 2024 तक प्रदेशभर में जनसंपर्क महाअभियान चलाएगा। इस अभियान के तहत संगठन के सदस्य और पदाधिकारी सम्मानित जनप्रतिनिधियों से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपेंगे, और आम जनमानस, किसानों, व्यापारियों, युवाओं तथा विद्युत उपभोक्ताओं को प्रस्तावित विद्युत निजीकरण के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करेंगे।
इं0 पटेल ने कहा कि यह महाअभियान प्रदेश के जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य व्यक्तियों से, मुख्यमंत्री जी को विद्युत कर्मियों के अंधकारमय भविष्य और जनभावनाओं से अवगत कराने का आग्रह करने का भी एक अवसर होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन के सदस्य और पदाधिकारी विभागीय कार्यों में तत्परता से जुटे रहते हुए, निजीकरण के प्रभावों और इसके तहत विद्युत कर्मियों और आम उपभोक्ताओं पर होने वाले नुकसानों को उजागर करेंगे। इसके अलावा, वे महंगी बिजली, शोषण, नौकरियों और स्थाई रोजगार की समाप्ति, और विकास की गति को प्रभावित करने वाले दुष्चक्र के बारे में भी जन जागरूकता फैलाएंगे।
इं0 गोपाल पटेल ने इस दौरान ऊर्जा प्रबंधन द्वारा विद्युत बिलों के बकाए को लेकर उठाए गए सवालों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, "ऊर्जा प्रबंधन का यह दावा कि बकाए का एक लाख करोड़ रुपए से अधिक वसूली नहीं हो पाया, यह सवाल खड़ा करता है कि यदि विभाग इस काम में सक्षम नहीं है, तो क्या निजी कंपनियां इस बकाए को फर्जी मुकदमे, बलपूर्वक विद्युत विच्छेदन, और बाउंसरों के माध्यम से वसूल करेंगी?" उन्होंने कहा कि यह स्थिति विद्युत कर्मियों, उपभोक्ताओं, किसानों और गरीबों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
पटेल ने आरोप लगाया कि जहां भी निजी कंपनियों को राजस्व वसूली का काम सौंपा गया, वहां लोगों का शोषण और छल-प्रपंच के माध्यम से उनकी जेब पर डाका डाला गया है। इसके साथ ही, निजी कंपनियों द्वारा हायर एंड फायर की नीति अपनाने के कारण कर्मचारियों का उत्पीड़न भी बढ़ा है।
संगठन के सदस्य और पदाधिकारी इस महाअभियान के दौरान इन सभी मुद्दों को जनहित में उजागर करेंगे, जिससे प्रस्तावित निजीकरण की सच्चाई सामने आ सके और आम जनमानस को इसके खतरों के बारे में बताया जा सके।
