कैनविज टाइम्स, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में नागपुर में आयोजित एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में राजनीति और जीवन को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने राजनीति को "असंतुष्ट आत्माओं का सागर" करार दिया और बताया कि इसमें हर व्यक्ति किसी न किसी कारण दुखी रहता है। गडकरी ने कहा कि राजनीति में हर व्यक्ति अपने वर्तमान पद से ऊपर के पद की आकांक्षा रखता है। उन्होंने इस संदर्भ में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन की आत्मकथा का उदाहरण दिया, जिसमें लिखा था, "कोई व्यक्ति तब समाप्त नहीं होता जब वह हार जाता है, वह तब समाप्त होता है जब वह पद छोड़ देता है।"
गडकरी ने बताया कि राजनीति में एक नेता कभी संतुष्ट नहीं होता। उदाहरण के तौर पर, एक पार्षद को विधायक बनने की इच्छा होती है, विधायक मंत्री बनना चाहता है, और मंत्री को अच्छा मंत्रालय नहीं मिल पाता तो वह भी असंतुष्ट होता है। इसी तरह, मुख्यमंत्री भी हमेशा तनाव में रहता है, क्योंकि उसे यह डर सताता है कि आलाकमान कब उसे पद छोड़ने के लिए कहेगा।
इस पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में गडकरी ने जीवन के बारे में भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जीवन समझौतों, सीमाओं और विरोधाभासों का खेल है, और चाहे व्यक्ति किसी भी क्षेत्र में हो, उसे चुनौतियों और समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने जीवन जीने की कला को समझने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि यह कला हर व्यक्ति को अपने जीवन में सीखनी चाहिए, चाहे वह पारिवारिक, सामाजिक, राजनीतिक या कारपोरेट जीवन में हो।
