कैनविज टाइम्स, डिजिटल डेस्क ।
नोएडा शहर में आज से प्रमुख रूप से चार स्थानों पर रामलीलाएं शुरू हो रही है। इसके लिए सभी रामलीला मैदानों में मंच बनकर तैयार हो चुके हैं। रामलीला के कलाकर भी नोएडा पहुंचकर अभ्यास कर रहे हैं। सोमवार शाम को गणेश वंदना के बाद रामलीलाएं शुरू होगी। नोएडा स्टेडियम की रामलीला सेक्टर-21 नोएडा स्टेडियम में आज से रामलीला शुरू होगी। इसमें मुख्य अतिथि सांसद डा. महेश शर्मा और विधायक पंकज सिंह रहेंगे। सोमवार शाम सात बजे पहले गणेश वंदना होगी। इसके बाद नारद मोह का प्रसंग होगा। स्टेडयिम में श्री सनातन धर्म रामलीला समिति द्वारा रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। समिति के महासचिव संजय बाली ने बताया कि रामलीला के मंचन के लिए दो मंजिल का महल बनकर तैयार हो चुका है। इसके अलावा कलाकारों ने भी अभयास शुरू कर दिया है। पहले दिन से ही काफी भव्य मंचन होगा। सेक्टर-62 सी ब्लॉक की रामलीला सेक्टर-62 के सी ब्लॉक के रामलीला मैदान में श्री राम मित्र मंडल द्वारा रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। इसमें मुख्य अथिति विधायक पंकज सिंह रहेंगे। सोमवार शाम सात बजे गणेश वंदना होगी। इसके बाद रामलीला में भगवान शिव द्वारा माता पार्वती को कथा सुनाने का प्रसंग होगा। फिर किस तरह राक्षस पृथ्वी पर अत्याचार कर रहे हैं, इसका प्रसंग होगा। समिति के महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने बताया कि रामलीला के सभी कलाकार सेक्टर-55 के सामुदायिक केंद्र में आ गए है और अभ्यास शुरू कर दिया है। सेक्टर-107 महर्षि आश्रम की रामलीला सेक्टर-107 महर्षि आश्रम की रामलीला मैदान में भी रामलीला मंचन की तैयारी पूरी हो चुकी है। रामलीला के पहले दिन सोमवार को गणेश वंदना और गुरु पूजा के बाद रामलीला शुरू होगी। महर्षि स्थान द्वारा रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। महर्षि रामलीला समिति के वरिष्ठ प्रबंधक शिशिर श्रीवास्तव ने बताया कि विधि-विधान से पूजा अर्चाना होने के बाद रामलीला में रामजन्म का बहुत ही भव्य रूप से मंचन किया जाएगा। इसके बाद ताकड़ा वध, मारीच सुबाहु का प्रसंग किया जाएगा। सेक्टर-46 मैदान में रामलीला सेक्टर-46 में रामलीला मैदान में सोमवार को रामलीला के पहले दिन गणेश पूजा होगी। श्री राम लखन धार्मिक लीला कमेटी द्वारा रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। कमेटी के अध्यक्ष विपिन अग्रवाल और मीडिया प्रभारी गौरव कुमार यादव ने बताया कि पहले दिन दशरथ समबरासुर युद्ध, कैकई द्वारा राजा दशरथ के प्राणों की रक्षा, दशरथ द्वार कैकई को दो वर देने का वचन और दशरथ दरबार व पुत्रेष्टि यज्ञ का प्रसंग होगा।
