कैनविज टाइम्स, डिजिटल डेस्क ।
राजधानी पटना में गंगा नदी पर अब वाटर मेट्रो सेवा की शुरुआत की जा रही है, जो एनआईटी स्थित पटना मेट्रो स्टेशन से उत्तर बिहार को जोड़ेगी। यह सेवा केंद्र सरकार की उस महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है, जिसके तहत देश के 17 शहरों में जल परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस परियोजना से न केवल यातायात की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। वाटर मेट्रो परियोजना की तैयारियों को लेकर कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड (KMRL) की तीन सदस्यीय टीम ने पटना में चार दिनों तक गंगा नदी के विभिन्न स्थलों का निरीक्षण और प्राथमिक अध्ययन किया है। इस अध्ययन के आधार पर योजना का विस्तृत प्रारूप तैयार किया जा रहा है। इस वाटर मेट्रो में 100 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी और इसे इलेक्ट्रॉनिक तकनीक से सुसज्जित किया जाएगा। खास बात यह है कि यह जलयान सौर ऊर्जा से संचालित होगा, जिससे यह पर्यावरण के अनुकूल रहेगा। यात्रियों को इस सुविधा का लाभ मात्र 40 रुपये किराये में मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत बिहार में गंगा नदी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से जोड़ा गया है। इसी क्रम में अब पटना में जल परिवहन को और विस्तार दिया जा रहा है। वाटर मेट्रो के संचालन से विशेष रूप से दैनिक यात्रियों और पर्यटकों को लाभ मिलेगा, जो पटना से उत्तर बिहार के विभिन्न क्षेत्रों तक तेज और सुगम आवागमन कर सकेंगे। इस परियोजना की एक अहम विशेषता यह है कि पटना मेट्रो के पहले फेज का परिचालन अगस्त 2025 से प्रस्तावित है, और उसी के साथ वाटर मेट्रो को भी शुरू करने की तैयारी है। इससे यात्री सीधे एनआईटी मेट्रो स्टेशन से जलमार्ग के जरिए गंगा पार पहुंच सकेंगे। जल्द ही योजना की विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार और केंद्र को सौंपी जाएगी, जिसके बाद निर्माण कार्य को अंतिम रूप दिया जाएगा। पटना की यह वाटर मेट्रो देश के अन्य शहरों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है।
