कैनविज टाइम्स, डिजिटल डेस्क ।
पीलीभीत अधिवक्ता दानिश खान के आवास पर मुशायरे का आयोजन किया गया इस मुशायरे में कई जनपद की जानी मानी हस्तियों ने अपनी नज़्म को पेश किया है। मुशायरे की शुरुआत करते हुए असलम वारसी ने नाते पाक सुनाई।अपना कलाम पेश करते हुए मोहन सिंह ने कहा ये कैसा दस्तूर है दुनिया का ए मेरे मालिक नहीं जो पास है मेरे वही क्यों पास होती है। जुबैर ने भी कुछ अपने अंदाज में बया किया कि ए खुदा मुझ पर फकत इतनी इनायत करना कि मैं किसी की आंख के आंसू का सबब ना बनू हाशिम नाज़ ने कुछ यूं कहा उस की नफरत का हर इक पल मुझे खल जाता है, बात रह जाती है और वक्त निकल जाता है दीगर शोरा ने अपने अपने कलाम में इस तरह फरमाया जाते हैं सब ही "वारसी" बाहें पसार कर क्या कुछ बताओ साथ सिकंदर भी ले गया असलम वारसी कोई ताकत मुझे न रोक पाती जीत जाने से लड़ाई हारा हूं मैं बुजदिलों के साथ लाने से अशरफ ज़माँ "काविश "इन मुर्दा खिलौनों से निकल आसमां छू ले मिट्टी के परिंदों के कभी पर नहीं आते जुल्फिकार “नाजिश” घर से जब भी कदम निकलते हैं। बेबसी साथ ले के चलते हैं।ताजवर “साहिल” तमाशाई बने रहिए इसी में वाह वाही है।किसी भी हाल में आंसू बहाने की मनाही है संजय पांडे “गौहर” तिशनगी रेत के असलाफ पी गए जिन के उन को पानी भी सलीके से न पीना आया नवाब "शैदा"झूठों के अंबार लगे हैं लेकिन सच्चे पर लगे हैं मुजीब "साहिल"बेगुनाही को दर बदर कर दो कैद खाने को मेरा घर कर दो जितेश राज "नक्श"अपने बच्चों से जुदा हो के वो कितना है उदास।वो ये क्या जाने कि जो साहिबे औलाद नहीं।इस मौके पर मुख्य रूप से सभासद लियाकत कादरी, अहमद हफीज खान ,अफसर अली खान ,आसिफ अली कादरी सहित कई श्रोता मौजूद रहे। प्रोग्राम के अंत में अधिवक्ता दानिश खान की तरफ से कई उपहार भी भेंट किए गए है।
