कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क। बिहार में किसानों ने "कर्ज मुक्त" होने के बाद "जय जवान जय किसान" प्रदर्शनी आयोजित की। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य किसानों के संघर्ष और उनके योगदान को मान्यता देना था, साथ ही यह भी दिखाना था कि सरकार की नीतियों के कारण किसानों के जीवन में बदलाव आया है।
"जय जवान जय किसान" का नारा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान महात्मा गांधी द्वारा दिया गया था और इसे राष्ट्रनिर्माण में सैनिकों और किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाने के लिए इस्तेमाल किया गया है। बिहार में किसानों द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी में कृषि के क्षेत्र में हुए सुधारों, कर्जमुक्ति और सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी दी गई।
यह प्रदर्शनी किसानों की कड़ी मेहनत और उनके समर्पण को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण कदम था, जिसमें कृषि उत्पादों, नीतियों और कर्जमुक्ति से लाभान्वित किसानों के अनुभवों को साझा किया गया। प्रदर्शनी में कृषि से संबंधित विभिन्न प्रौद्योगिकियों और नवाचारों को भी प्रदर्शित किया गया था, जो किसानों के जीवन को बेहतर बनाने में सहायक साबित हो रहे हैं। इस प्रकार की पहल से न केवल किसानों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि यह सरकार द्वारा किसानों की बेहतरी के लिए किए गए प्रयासों का भी प्रचार करती है।
