कैनविज टाइम्स, डिजिटल डेस्क ।
बीकेटी,लखनऊ नगर पंचायत बख्शी का तालाब कार्यालय पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से विभिन्न पदों पर तैनात कर्मचारियों ने दो माह से वेतन न मिलने से नाराज़ होकर सोमवार को कार्य बहिष्कार कर आक्रोश जताया।इस मौक़े पर कंप्यूटर पद पर तैनात योगेंद्र राजपूत ने बताया कि नगर पंचायत कार्यालय बीकेटी पर दो दर्जन से अधिक कर्मचारियों को दो माह से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है जिससे सभी कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने बताया कि नगर पंचायत द्वारा चयनित एजेंसी आर्यन ग्रुप ऑफ गार्ड सर्विसेज अजीगंज लखनऊ के माध्यम से जून 2025 तक वेतन का भुगतान किया गया लेकिन उसके बाद से अभी तक वेतन का भुगतान नहीं किया गया।बताया कि एक पत्र 1/9/2025 को अधिशाषी अधिकारी बीकेटी इंद्रभान जी व नगर पंचायत अध्यक्ष बीकेटी गनेश रावत तथा 9/9/2025 को ज़िला अधिकारी लखनऊ को वेतन भुगतान को लेकर दिया था लेकिन किसी भी अधिकारी ने इस समस्या का समाधान कराने में अपनी रुचि नहीं रखी।श्री योगेन्द्र ने बताया कि कई कर्मचारी ऐसे है जिन्हें विगत कई वर्षों से ई०पी०एफ० व ई०एस०आई०सी०सम्बन्धित एजेन्सी आर्यन ग्रुप ऑफ गार्ड सर्विसेज द्वारा जमा नहीं किया जा रहा है, कर्मचारियों ने साफ़ तौर पर कहा कि इन सभी समस्याओं का अगर तीन दिनों में निराकरण नहीं किया गया तो सभी कर्मचारी कार्य बहिष्कार करते हुए नगर पंचायत बख्शी का तालाब कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर मजबूर होंगे जिसके ज़िम्मेदार संबंधित अधिकारी होंगे।वही इस मामले को लेकर अधिशाषी अधिकारी नगर पंचायत बीकेटी ने बताया कि अनुमोदन को लेकर कई बार नगर पंचायत अध्यक्ष को पत्र लिखा लेकिनउनके द्वारा ध्यान नहीं दिया गया,जिससे यह समस्या उत्पन्न हुई है।वही नगर पंचायत अध्यक्ष बीकेटी गनेश रावत ने बताया कि कर्मचारियों के वेतन को लेकर जो टेंडर था उसकी आखिरी तारीख तीस जून 2025 थी और मैने दो जून2025 को टेंडर कर दिया था,लेकिन मौजूदा अधिशाषी अधिकारी द्वारा मनमाने तरीके से जून में ही टेंडर को निरस्त कर दिया गया और उसकी मुझे कोई जानकारी नहीं दी गई, मुझे जब पता चला तो मैने जुलाई माह से कई संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को पत्राचार किया,लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ,जिससे कर्मचारी विवस होकर हड़ताल पर हुए।उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों से मांग करता हू कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों पर नियमानुसार कठोर की जाए।

